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नायब तहसीलदार को लगाया 16 लाख का ‘चूना’, निवेश के नाम पर 3 महीने ठगता रहा; मुनाफे के चक्कर में ठगे गए साहब

नायब तहसीलदार को लगाया 16 लाख का 'चूना', निवेश के नाम पर 3 महीने ठगता रहा; मुनाफे के चक्कर में ठगे गए साहब

नायब तहसीलदार से 16 लाख रुपए की साइबर ठगी.

बाराबंकी में शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों द्वारा नायब तहसीलदार से 16 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है. ठगों ने पहले मुनाफे का लालच देकर विश्वास जीता और बाद में रकम वापस मांगने पर वॉट्सऐप कॉल व मैसेज पूरी तरह बंद कर दिए. पीड़ित नायब तहसील राम बहादुर वर्मा की शिकायत पर साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

शहर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी नायब तहसीलदार राज बहादुर वर्मा का संपर्क वॉट्सऐप के माध्यम से कोटक लर्निंग एंड कम्युनिकेशन नामक एक ग्रुप से हुआ. इस ग्रुप में शेयर मार्केट में निवेश पर 5 से 20 प्रतिशत तक लाभ मिलने का दावा किया जा रहा था. ग्रुप से जुड़ी एक महिला, जिसने अपना नाम कंगना शर्मा बताया और खुद को कंपनी की असिस्टेंट बताया, ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क कर राज बहादुर वर्मा को निवेश के लिए प्रेरित किया.

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पीड़ित के अनुसार, ठगों ने कस्टमर सर्विस का हवाला देते हुए अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी दी और अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच विभिन्न तिथियों में कुल करीब 16 लाख रुपए ट्रांसफर कराए. यह धनराशि पीड़ित के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मेन ब्रांच स्थित खाते से भेजी गई. निवेश के बाद पीड़ित को एक ऐप और डैशबोर्ड के जरिए उनके निवेश और मुनाफे की जानकारी दिखाई जाती रही, जिससे उन्हें लगातार लाभ होता हुआ प्रतीत हो रहा था.

तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि 15 अक्टूबर 2025 को कैन एच लाइफ कंपनी के 19 हजार आईपीओ शेयर पीड़ित के पुत्र के नाम से आवंटित दिखाए गए. इन शेयरों की कीमत और कथित मुनाफा बढ़ाकर करीब 60 लाख 83 हजार रुपए दर्शाया गया, जिससे पीड़ित का भरोसा और मजबूत हो गया. हालांकि जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम और मुनाफे की निकासी की मांग की तो ठगों ने टालमटोल शुरू कर दी और नए-नए बहाने बनाकर भुगतान टालते रहे.

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चार दिसंबर 2025 के बाद अचानक सभी वॉट्सऐप कॉल और मैसेज बंद हो गए. इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ. पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है. साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि मामले में संबंधित खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश करते समय सतर्क रहें और किसी भी अनजान ग्रुप या लिंक के झांसे में न आएं.

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