नागालैंड के दीमापुर में 1.09 करोड़ के PWD घोटाला मामले में ED ने दाखिल की थी चार्जशीट, स्पेशल कोर्ट ने लिया संज्ञान

भारत के उत्तर पूर्वी राज्य नागालैंड के सबसे बड़े शहर और जिला दीमापुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) के 1.09 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार्जशीट दाखिल की. ये चार्जशीट सरकारी ठेकेदार अवितुओ सेखोसे, उनकी फर्म हेक्सड सिंडिकेट और उसके अन्य साथियों के खिलाफ दाखिल की गई है. प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले महीने 29 दिसंबर, 2025 को विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की थी. जिस पर अब स्पेशल कोर्ट ने सोमवार (12 जनवरी, 2026) को संज्ञान लिया है.
सीबीआई की जांच में क्या हुआ था खुलासा?
लोक कल्याण विभाग (PWD) में घोटाले का ये मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच से शुरू हुआ था. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में आरोप लगाया था कि कोहिमा में नए हाई कोर्ट बिल्डिंग का काम करते समय सरकारी पैसे की गड़बड़ी की गई थी और काम भी ठीक से नहीं किया गया था.
सरकारी फंड में किया गया उलटफेर, खर्च को बढ़ाकर दिखाया गया
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में यह खुलासा हुआ कि लोक कल्याण विभाग (PWD) के अफसरों ने ठेकेदारों के साथ मिलकर सरकारी फंड का उलटफेर कर गलत इस्तेमाल किया था. वहीं, जब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच शुरू की, तो इस बात का खुलासा हुआ कि कोहिमा में नए हाई कोर्ट की इमारत की दो दीवारें बनाने के काम के खर्च को बढ़ाकर ठेकेदार अवितुओ सेखोसे को करीब 80.25 लाख रुपये ज्यादा दिए गए थे.
इसी तरह से सड़क और फुटपाथ का काम करते समय भी खर्च को बढ़ा चढ़ाकर दिखाया गया था और हेक्सड सिंडिकेट को करीब 29.68 लाख रुपये ज्यादा दिए गए थे. ईडी की जांच के मुताबिक, इस तरह कुल मिलाकर इस घोटाले में लगभग 1.09 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई थी.
ईडी ने 96.67 लाख रुपये की संपत्ति की जब्त
जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 96.67 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की. इस पूरे घोटाले में नागालैंड में PWD विभाग के कई अफसरों की भूमिका भी सामने आई है. जिसकी वजह से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ. मामले की जांच जारी है.
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