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डॉगी को टहला रही थी महिला, तभी पीछे से सांड ने किया हमला… जमीन पर पटककर सींग से किए कई वार, Video

डॉगी को टहला रही थी महिला, तभी पीछे से सांड ने किया हमला... जमीन पर पटककर सींग से किए कई वार, Video

महिला पर किया हमला

उत्तर प्रदेश के इटावा के भरथना क्षेत्र में आवारा सांड और गायों का आतंक अब जानलेवा रूप ले चुका है. एक साल में जहां तीन बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है. वहीं आए दिन आम नागरिक घायल हो रहे हैं. अब नया मामला मोहल्ला बृजराज नगर से सामने आया है, जहां रहने वाली एक महिला विमला देवी और युवक पंकज सिंह पर आवारा मवेशियों ने जानलेवा हमला कर दिया.

दरअसल, विमला देवी सुबह के समय अपने घर के बाहर अपने डॉगी को टहला रही थीं. तभी एक सांड ने पीछे से हमला उनपर बोल दिया और उन्हें ज़मीन पर पटककर सींग से कई वार किए. महिला की चीखें सुनकर मोहल्ले के लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े और किसी तरह उन्हें बचाया गया. इस घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं. महिला को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह भयावह दृश्य आसपास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

घर से निकलने में भी लगता है डर

इसी मोहल्ले के पंकज सिंह बीते कई महीनों से एक उग्र सांड के आतंक से पीड़ित हैं. उनका कहना है कि सांड अक्सर चुपचाप पीछे से हमला करता है. कई बार बाल-बाल बचे पंकज ने अब भरथना के उपजिलाधिकारी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा, “मैं रोज उस सांड की नजर में रहता हूं. वह कब हमला कर दे, कुछ कह नहीं कह सकते. अब तो घर से निकलने में भी डर लगता है.

एक साल में तीन लोगों की मौत

12 महीनों में भरथना क्षेत्र में गौवंशों के हमले से तीन मौतें हो चुकी हैं. पिछले साल सितंबर में पुराना भरथना के रहने वाले राकेश कठेरिया की मौत हुई थी और फिर नवंबर में ढाकपुरा गांव के पूर्व प्रधान अतर सिंह शाक्य की मौत, जून 2025 में साम्हों गांव के रहने वाले बलवीर सिंह प्रजापति की मौत हुई थी. तीनों लोगों की मौत आवारा पशुओं के हमला के बाद हुई थी. लेकिन भी फिर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

आवारा पशु बन रहे लोगों के लिए खतरा

भले ही प्रशासन की ओर से गौशालाओं में पशुओं को भेजने के दावे किए जाते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि भरथना, बसरेहर, इकदिल, चौबिया जैसे इलाकों में आवारा सांड और गाय आज भी खुलेआम घूम रही हैं. ये जानवर सिर्फ आम जनजीवन को नहीं, बल्कि ट्रैफिक और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बने हुए हैं. भरथना क्षेत्र के लोगों में अब गहरा आक्रोश है. स्थानीय नागरिकों ने साफ कहा है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वह सड़कों पर उतरकर जमकर आंदोलन करेंगे. स्थानीय निवासी का कहना है कि अगर इंसान की जान की कीमत नहीं समझी गई, तो मजबूरी में हम खुद मोर्चा संभालेंगे.



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