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जौनपुर में घर से चोरी हुआ ‘घाघरा’, पुलिस ने लाल लहंगा बरामद कर भेजा जेल; युवक की हो गई मौत

जौनपुर में घर से चोरी हुआ ‘घाघरा’, पुलिस ने लाल लहंगा बरामद कर भेजा जेल; युवक की हो गई मौत

यूपी के जौनपुर जिला कारागार में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. मृतक को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. हैरान कर देने वाली बात ये है कि चोरी हुए काले घाघरे की जगह पुलिस ने काले लहंगे की बरामदगी दिखाई थी. कथित तौर पर चार दिन कस्टडी में रखने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से गुरुवार को उसे जेल भेज दिया गया था.

ठीक अगले दिन यानी शुक्रवार को उसकी तबियत बिगड़ी और शाम में उसकी मौत हो गई. मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. मृतक के पिता पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है.

क्या है पूरा मामला?

जिले के सरपतहां थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी बनवारी गौतम के छोटे बेटे अजीत गौतम पर चोरी का आरोप लगाते हुए पड़ोस के गांव राजधरपुर निवासी कमल कुमार ने केस दर्ज कराया था. मृतक पर आरोप था कि उसने रात में घर में घुसकर लाल कलर का लहंगा, काले रंग का घाघरा, पांच हजार नकदी, जेवरात और पर्स चोरी किए.

चोरी करके जाते समय कमल कुमार की बहन से उसे देखा और पहचान लिया. 19 फरवरी को पुलिस ने केस दर्ज करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था. 20 फरवरी की उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

पिता ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक कैदी के पिता बनवारी का आरोप है कि सरपतहां पुलिस 15 फरवरी की रात 3 बजे जाकर अजीत को घर से उठा ले गई थी. अगले दिन जब वह थाने पर गए तो उन्हें बेटे ने बताया कि उसे बहुत मारा गया है. पुलिस वाले उसे नहर के किनारे ले गए. उसके जेब में जेवरात रखकर वीडियो बनाया. मृतक के पिता का आरोप है कि बेटे को छुड़ाने के लिए उसने काफी मिन्नते की.

मृतक के पिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस द्वारा कथित तौर पर एक लाख रुपए की मांग की गई. पैसा न दे पाने पर बेटे के खिलाफ 19 फरवरी को केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया. 20 फरवरी की रात करीब 9 बजे उन्हें फोन करके यह सूचना दी गई कि उनके बेटे की तबियत खराब थी और उसकी मौत हो गई.

जगह पुलिस ने बरामद किया काला लहंगा

मृतक के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आरोप लगे थे कि उसने 16 फरवरी की रात घर में घुसकर सोने- चांदी के जेवरात, पांच हजार नकदी, लाल लहंगा, काला घाघरा और पर्स चोरी कर लिए थे. हालांकि, जेल भेजने के साथ ही पुलिस द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में काले घाघरे की जगह काले लहंगे की बरामदगी दिखाई गई. जिसे लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं. मृतक दो भाइयों में छोटा था और बड़ा भाई दिव्यांग है.

वह पिता के साथ मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता था. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. करीब 24 घंटे बीतने के बावजूद इस पूरे मामले पर जौनपुर पुलिस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. हालांकि, विचाराधीन कैदी की मौत के बाद परिजनों द्वारा निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है.

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