जलता हुआ मिडिल ईस्ट और महाविनाश के 10 दिन! पढ़ें उस युद्ध का लेखा-जोखा जिससे हिल गई पूरी दुनिया

Iran-US-Israel War: 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ अमेरिका-इजरायल और ईरान का युद्ध अब अपने दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है. ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के नाम से शुरू हुई इस सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति को हिलाकर रख दिया है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत से लेकर मिडिल ईस्ट में तबाही और तेल की कीमतों में आए उछाल तक… यहां पढ़ें पिछले 10 दिनों का पूरा घटनाक्रम.
28 फरवरी 2026 (पहला दिन)
शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया. इजरायल के रक्षा मंत्री ने इसे ‘ऐहतियाती हमला’ करार दिया.
प्रमुख लक्ष्य: ईरान की मिसाइल साइटें, वायु रक्षा प्रणाली और देश का शीर्ष नेतृत्व.
बड़ी खबर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई है. उनके साथ उनकी बेटी, दामाद और पोते की भी जान चली गई.
परिणाम: दोनों देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ऐसे मिसाइल बना रहा था जो यूरोप के लिए खतरा थे.
1 मार्च 2026 (दूसरा दिन)
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने खामेनेई की हत्या को ‘घोर अपराध’ बताया और देश में 40 दिनों के शोक व 7 दिनों की छुट्टी की घोषणा की.
सैन्य जवाबी कार्रवाई: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ‘बदले’ का संकल्प लेते हुए क्षेत्र के 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों और तेल अवीव पर मिसाइलें दागीं.
विस्तार: हमले कतर, यूएई, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक तक फैल गए.
2 मार्च 2026 (तीसरा दिन)
ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन दागे। जवाब में इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर भारी बमबारी की।
3 मार्च 2026 (चौथा दिन)
युद्ध का असर आम जनता और बाजारों पर दिखने लगा. दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
मानवीय त्रासदी: ईरान के रेड क्रिसेंट के अनुसार, अब तक 787 लोग मारे गए. दक्षिणी ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 165 छात्राओं की मौत की खबर ने दुनिया को झकझोर दिया.
कूटनीतिक संकट: रियाद (सऊदी अरब) में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले हुए, जिसके बाद दूतावास बंद कर दिया गया. कुवैत में 3 अमेरिकी लड़ाकू विमान ‘गलती से’ मार गिराए गए.
4 मार्च 2026 (पांचवां दिन)
जैसे-जैसे बमबारी तेज हुई, अमेरिका ने सऊदी अरब, कुवैत और लेबनान में अपने दूतावास खाली कर दिए. दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर भी ड्रोन हमला हुआ.
चीनी सेना का रुख: चीन ने सोशल मीडिया (X) पर एक ग्राफिक्स जारी कर युद्ध के ‘5 सबक’ दिए, जिसमें ‘श्रेष्ठ मारक क्षमता के तर्क’ (Logic of superior firepower) को दुनिया की कड़वी सच्चाई बताया.
पलायन: यूएई ने नागरिकों को निकालने के लिए ‘सुरक्षित हवाई गलियारे’ खोले. ईरान में मरने वालों की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई.
5 मार्च 2026 (छठा दिन)
ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान किया.
भारत का रुख: भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक व्यक्त किया.
अमेरिकी राजनीति: अमेरिकी सीनेट में ट्रंप प्रशासन को युद्ध के लिए कांग्रेस की मंजूरी लेने के प्रस्ताव के खिलाफ 53-47 से वोट पड़े. हालांकि, रॉयटर्स के पोल के अनुसार केवल 25% अमेरिकी जनता इस युद्ध के पक्ष में थी.
नौसैनिक टकराव: श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया.
6 मार्च 2026 (सातवां दिन)
इजरायल ने तेहरान पर हमलों की नई लहर शुरू की। तेहरान का मेहराबाद एयरपोर्ट आग की लपटों में घिर गया.
रूसी राष्ट्रपति पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन के बीच फोन पर बातचीत हुई।
7 मार्च 2026 (आठवां दिन)
एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के पहले 100 घंटों की लागत $3.7 बिलियन रही, यानी लगभग $891 मिलियन प्रतिदिन.
रूस और तेल: पुतिन ने पेज़ेशकियन से बात की और संवेदना व्यक्त की. युद्ध की वजह से रूसी तेल की मांग अचानक बढ़ गई.
भारत को छूट: अमेरिका ने भारत को युद्ध के दौरान रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट प्रदान की. कतर एयरवेज ने यूरोप के लिए विशेष निकासी उड़ानें शुरू कीं.
8 मार्च 2026 (नौवां दिन)
ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत इजरायल और अमेरिका पर खैबर शेकन, इमाद और गद्र मिसाइलें दागीं.
बाजार में हाहाकार: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में एक हफ्ते में 27% का उछाल आया, जो कोविड-19 के बाद की सबसे बड़ी वृद्धि है.
इजरायली हमला: बेरूत के एक होटल पर हुए इजरायली ड्रोन हमले में 4 लोगों की मौत हो गई.
9 मार्च 2026 (दसवां दिन)
आज की सबसे बड़ी खबर यह है कि मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया गया है. ईरान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ने उनके प्रति वफादारी की शपथ ली है.
ताजा हमले: तेहरान और पवित्र शहर कोम (Qom) पर भारी बमबारी जारी है. तेल केंद्रों पर हमलों के कारण तेहरान के ऊपर काला जहरीला धुआं छाया हुआ है.
मौतें: संघर्ष में 8वें अमेरिकी सैनिक की मौत की पुष्टि हुई है. कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ गया है.



