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‘पहले टीचर थे, फिर बन गए पंडित’… पत्नी ने बताई संत कुमार के कथावाचक बनने की कहानी

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के दांदरपुर गांव में कथावाचकों के साथ हुई मारपीट और चोटी काटने के कांड को लेकर कथावाचकों के परिजनों ने नाराजगी जाहिर की है. कथावाचकों के परिजनों और पड़ोसियों ने कहा कि घटना निंदनीय है. इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है. उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

इटावा जिले के दांदरपुर में जिन कथावाचकों के साथ मारपीट कर चोटी काटकर अपमानित किया गया. कथावाचकों के नाम संत कुमार यादव और मुकुटमणि यादव हैं. ये दोनों औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. कथावाचक संत कुमार यादव की पत्नी संगीता यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि कथावाचक संत यादव पहले शिक्षक के रूप में काम करते थे. स्कूल बंद हो गया तो वह कथा मंडली में शामिल होकर सहायक कथावाचक के रूप में जाते है, और वर्तमान समय में कथावाचक के रूप में काम कर रहे है.

संत कुमार की पत्नी ने क्या कहा?

संगीता यादव ने कहा कि इटावा जिले के दांदरपुर में जो घटनाक्रम हुआ वो निंदनीय है, अगर उन्हें लगा था कि जाति छुपाकर वो लोग यह काम कर रहे है तो कानून का सहारा लेते. उन लोगों ने जिस तरीके से बेरहमी से मारपीट करके चोटी काट ली. महिला के मूत्र का छिड़काव किया. यह घोर निंदनीय है और पुलिस को इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए. पीड़िता के अनुसार, उनके घर में 3 बेटियां और 1 बेटा है. घर की स्थिति ठीक नहीं है. भागवतकथा के उपरांत जो मिलता है, उसी से परिवार का पालन पोषण करते थे. संगीता ने कहा कि वो यादव और शास्त्री के रूप में जाने और पहचाने जाते है. 2 आधारकार्ड के सवाल पर बोलीं कि इसकी मुझे जानकारी नहीं है.

मुकुट मणि के पड़ोसियों ने किया बड़ा खुलासा

कथावाचक मुकुटमणि के घर पर ताला लगा हुआ था. पड़ोसियों ने बताया कि मुकुट मणि अविवाहित हैं और पूर्व में प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते थे. स्कूल बंद हो जाने के बाद वो भागवत कथा कार्यक्रम में शामिल होने लगे और आस पास के लोग उन्हें शास्त्री और यादव के रूप में जानते हैं. औरैया जिले के रहने वाले कथावाचकों के साथ जो कांड इटावा जिले के दांदरपुर में हुआ वो निंदनीय हैं. वहीं इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अछल्दा में जो बैनर और पोस्टर लगे हुए हैं उन सभी में मुकुट मणि के नाम के आगे आचार्य और पंडित लिखा हुआ है.



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