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गोरखपुर में फॉरेस्ट गार्ड की दबंगई, किसान को बीच सड़क पर डंडे से पीटा; Video वायरल होने पर सस्पेंड

गोरखपुर में फॉरेस्ट गार्ड की दबंगई, किसान को बीच सड़क पर डंडे से पीटा; Video वायरल होने पर सस्पेंड

बीच सड़क किसान की बेरहमी से पिटाई

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक फारेस्ट गार्ड ने किसान को बीच सड़क पर गिराकर बेरहमी से पीट दिया. फारेस्ट गार्ड ने किसान पर कई लाठियां भी बरसाई. इस दौरान किसान दर्द से कराहता रहा, लेकिन गार्ड को उस पर बिल्कुल भी तरस नहीं आया. फारेस्ट गार्ड भद्दी-भद्दी गलियां देते हुए किसान को घसीट कर लाठी से पीटता रहा, लेकिन किसी ने भी उसे बचाने की कोशिश नहीं की. इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.

दरअसल, किसान दिनेश निषाद ने सोमवार को अपने खेत से नीलगाय को खदेड़ा. जिसके बाद नीले गाय फॉरेस्ट रेंज में पहुंच गई. इसी बात को लेकर फॉरेस्ट गार्ड और किसान के बीच कहासुनी हो गई और फिर गार्ड ने बीच सड़क किसान को पीटना शुरू कर दिया. किसान ने बताया कि मैं कैंपियरगंज इलाके के जंगल बब्बन के टोला पोखरहवा का रहने वाला हूं. शाम करीब 4 बजे उसने अपने खेत से नीलगाय को भगाया.

किसान को फॉरेस्ट चौकी बुलाकर पीटा

जिसके बाद फॉरेस्ट चौकी से मुझे बुलाया गया, जहां फॉरेस्ट गार्ड विवेक मौर्य सहित वहां तैनात अन्य कर्मचारियों ने मुझे गाली देना शुरू कर दिए. इस दौरान जब मैंने उनका विरोध किया तो उन्होंने मुझे सड़क पर गिरा-गिरा डंडे से पीटना शुरू कर दिया. किसान ने बताया कि फारेस्ट गार्ड विवेक मौर्य ने पैर लगाकर मुझे सड़क पर गिरा दिया था. मैंने छोड़ देने की मिन्नतें कीं, लेकिन उनको तरस नहीं आया और वो मुझे पीटते रहें.

आरोपी गार्ड को वन विभाग ने किया सस्पेंड

किसान की पिटाई के वीडियो काफी वायरल हो रहे हैं. एक वीडियो में फॉरेस्ट गार्ड विवेक मौर्य किसान को बीच सड़क पर गिराकर बेरहमी से पीटता हुआ नजर आ रहा है. इस दौरान उसके कुछ साथी भी नजर आ रहे हैं. वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने आरोपी गार्ड को सस्पेंड कर दिया है. डीएफओ विकास यादव ने बताया कि मोईनाबाद फॉरेस्ट चौकी पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड विवेक मौर्य को सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

डीएफओ विकास यादव ने बताया कि घटना से संबंधित सभी पहलू को स्पष्ट करने के लिए पीड़ित किसान का बयान दर्ज किया जाएगा, जिससे यह जानकारी हो सकेगी कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ है, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

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