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गोंडा में मालगाड़ी से सरसो तेल की चोरी, RPF की कस्टडी में युवक की मौत पर बवाल…दो दारोगा पर FIR

गोंडा में मालगाड़ी से सरसो तेल की चोरी, RPF की कस्टडी में युवक की मौत पर बवाल...दो दारोगा पर FIR

गोंडा में युवक की पुलिस कस्टडी में मौत

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पुलिस की कस्टडी में अनुसूचित जाति के युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया है. सरसों तेल चोरी के आरोप में युवक को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था. मृतक के परिजन ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों पर पिटाई कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है. मामला तूल पकड़ने के बाद दो दारोगा और दो सिपाहियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है. वहीं आरपीएफ ने भी विभागीय जांच शुरू कर दी है.

घटना मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गांव की है. मृतक संजय कुमार सोनकर (36) के भाई राजू सोनकर ने बताया कि मंगलवार को आरपीएफ के तीन जवान उनके घर पहुंचे और सरसों तेल चोरी के शक में संजय को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए. शाम करीब 4:30 बजे आरपीएफ टीम संजय को दोबारा लेकर बरुआ गांव पहुंची, जहां एक दुकान पर उसे एसआई सुरेंद्र कुमार, एसआई करन सिंह यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव और एक अज्ञात सिपाही ने बेरहमी से पीटा.

भाई का आऱोप- पुलिस की पिटाई से युवक की हुई मौत

राजू का आरोप है कि पिटाई के दौरान संजय की मौत हो गई, जिसके बाद आरपीएफ कर्मी शव को मेडिकल कॉलेज में छोड़कर फरार हो गए. बुधवार सुबह परिजनों को अस्पताल से सूचना मिली कि संजय भर्ती है, लेकिन पहुंचने पर उन्होंने भाई का शव पाया.नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर एसआई सुरेंद्र कुमार, एसआई करन सिंह यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव और एक अज्ञात सिपाही के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.

दूसरी ओर, तीन डॉक्टरों के पैनल ने मृतक का पोस्टमार्टम किया, लेकिन रिपोर्ट में मौत का कारण अस्पष्ट बताया गया है. बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है ताकि आगे की जांच में मौत की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके.मृतक की पत्नी गीता अपने पति की मौत की खबर सुनकर बुरी तरह टूट गईं. अस्पताल परिसर में वह कई बार बेहोश हो गईं. परिवार की महिलाएं उन्हें संभालती रहीं, जबकि ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में न्याय की मांग करते हुए हंगामा किया.

मालगाड़ी से सरसों तेल की चोरी हुई थी

28 सितंबर को बरुआचक रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी से सरसों तेल की चोरी हुई थी. तभी से आरपीएफ चोरी के आरोपियों की तलाश कर रही थी. गांव के लोगों का आरोप है कि आरपीएफ लगातार गांव में दबिश देती और धमकाती थी. इसी क्रम में संजय को उठाया गया.आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने कहा कि संजय से पूछताछ के दौरान उसने एक अन्य आरोपी का नाम बताया था, जिसके आधार पर आगे जांच की जा रही थी. मामला फिलहाल पुलिस और आरपीएफ दोनों की जांच के घेरे में है.

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