मनोरंजन
‘गुजारिश’ से ‘सलाम वेंकी’ तक, इच्छामृत्यु पर बनी इन फिल्मों को देख रोक नहीं पाएंगे आंसू


साल 2013 में हरीश नाम का एक व्यक्ति एक हादसे का शिकार हो गया था और कोमा में चला गया. जिसके बाद सालों तक उस व्यक्ति का इलाज चलता ही रहा, लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ा. जिसके बाद माता- पिता ने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की गुहार लगाई और बुधवार यानी 11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इसे ना केवल सुना बल्कि इसकी इजाजत भी दे दी.



