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गांववाले की मदद की, गाड़ी खरीदते वक्त दे दी गारंटी… किश्ते नहीं मिलने पर बैंक ने किया प्रताड़ित; शख्स ने उठाया खौफनाक कदम

गांववाले की मदद की, गाड़ी खरीदते वक्त दे दी गारंटी... किश्ते नहीं मिलने पर बैंक ने किया प्रताड़ित; शख्स ने उठाया खौफनाक कदम

मृतक शख्स

उत्तर प्रदेश के झांसी के बबीना थाना क्षेत्र स्थित गणेशपुरा गांव की एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. 35 साल के किशोर सिंह, जो गांव में अपनी सादगी और मददगार स्वभाव के लिए जाने जाते थे, उन्होंने बैंक गारंटी देने के चक्कर में अपनी जिंदगी खो दी. मरने से पहले उसने एक भावुक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया. जिसमें उसने अपने दर्द, मानसिक यातना और मजबूरी की पूरी दास्तान सुनाई.

मिली जानकारी के मुताबिक किशोर सिंह ने गांव के ही कुछ लोगों को गाड़ी खरीदने के लिए बैंक में गारंटी दी थी. शुरुआत में किश्तें समय पर जमा होती रहीं, लेकिन कुछ ही महीनों में वाहन मालिकों ने भुगतान करना बंद कर दिया. बैंक अधिकारियों ने गारंटर होने के कारण किशोर को नोटिस भेजना और फोन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया.

मृतक किशोर के परिवार का कहना है कि किशोर ने कई बार गाड़ी मालिकों से किश्त जमा करने के लिए कहा लेकिन वे टालमटोल करते रहे. हालात तब बिगड़ गए जब किशोर ने फिर से पैसे जमा करने की बात कही तो गांव के एक व्यक्ति ने उसे मारने की धमकी दे दी. डर और दबाव में आकर किशोर करीब 15 दिनों तक घर में ही अंदर छिपा रहा. इस दौरान वह न किसी से मिलता था, न बाहर निकलता था.

किशोर के परिजनों ने बताया कि मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक दबाव ने किशोर को अंदर तक तोड़ दिया. आखिरकार सोमवार को उसने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जिसमें उसने कहा कि वह अब और अपमान, डर और तनाव सहन नहीं कर सकता. वीडियो में उसकी आंखों में आंसू और आवाज में दर्द साफ सुनाई दे रहा था. वीडियो बनाने के कुछ देर बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया.

परिवारवालों ने तुरंत उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. घटना की सूचना मिलते ही बबीना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी शुरू की गई है.

मृतक के परिजनों का छलका दर्द

किशोर के परिजनों का कहना है कि वह दिल का साफ और मददगार इंसान था. उसने सोचा था कि किसी की गारंटी देकर मदद कर देगा, लेकिन यह मदद उसकी मौत की वजह बन जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था. पीड़ित परिवार ने मांग की है कि जिन लोगों ने किश्त नहीं भरी और धमकियां दीं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो.

किशोर की मौत से गांव में मातम

गणेशपुरा गांव में इस घटना के बाद माहौल गमगीन हो गया है. लोग इस बात से हैरान हैं कि बैंक गारंटी जैसा सामान्य दिखने वाला काम किसी की जान ले सकता है. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों में बैंक को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और गारंटर को तंग करने की बजाय असली कर्जदार से वसूली करनी चाहिए.

पुलिस का बयान

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं सोशल मीडिया पर किशोर का वीडियो तेजी से फैल रहा है जो लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आर्थिक और सामाजिक दबाव मिलकर कैसे किसी को मौत की ओर धकेल सकते हैं.

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