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क्यों हेमा मालिनी को धर्मेंद्र की प्रॉपर्टी में नहीं मिलेगा हिस्सा? 450 करोड़ की संपत्ति में बेटियों का कितना हक?


दिग्गज बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र 65 सालों से फिल्मों में हैं. अपने फिल्मी करियर में उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. उन्होंने कई फिल्में प्रोड्यूस भी की. धर्मेंद्र ने दो शादियां की जिससे उन्हें 6 बच्चे हुए. एक्टर के पास ना दौलत की कमी है, ना शोहरत की. रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी नेटवर्थ 450 करोड़ रुपए है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि धर्मेंद्र की दूसरी वाइफ हेमा मालिनी का उनकी प्रॉपर्टी पर कोई हक नहीं है?

  • दिल्ली हाई कोर्ट के वकील कमलेश कुमार मिश्रा ने एबीपी न्यूज को बताया कि धर्मेंद्र की प्रॉपर्टी में हेमा मालिनी को कोई हिस्सा नहीं मिलेगा.
  • दरअसल धर्मेंद्र ने बिना अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर को तलाक दिए हेमा मालिनी से दूसरी शादी कर ली थी.
  • ऐसे में हिंदू मैरिज एक्ट के तहत उनकी शादी वैध नहीं मानी जाती है. इसीलिए हेमा मालिनी को धर्मेंद्र की संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलेगा.
  • अगर अदालत धर्मेंद्र की शादी को वैध मान ले या फिर धर्मेंद्र अपनी वसीयत में हेमा मालिनी को अपनी संपत्ति से हिस्सा देते हैं, तो ही एक्ट्रेस उनकी प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी का दावा कर पाएंगी.

क्यों हेमा मालिनी को धर्मेंद्र की प्रॉपर्टी में नहीं मिलेगा हिस्सा? 450 करोड़ की संपत्ति में बेटियों का कितना हक?

ईशा देओल और अहाना को मिलेगा कितना हिस्सा?
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की दो बेटियां- ईशा देओल और अहाना देओल हैं. ऐसे में सवाल ये है कि अगर हेमा मालिनी धर्मेंद्र की प्रॉपर्टी की हिस्सेदार नहीं हैं, तो क्या उनकी दोनों बेटियों को भी पिता की प्रॉपर्टी में हिस्सा नहीं मिलेगा? इसपर एडवोकेट कमलेश कुमार मिश्रा ने कहा- ‘सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अमान्य शादी से पैदा हुए बच्चों को अब सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि कानूनी अधिकार से संपत्ति में हिस्सा मिलेगा. ईशा और आहना देओल अपने पिता के हिस्से की पूरी संपत्ति में बराबर की हकदार हैं.’ यानी ईशा और अहाना को धर्मेंद्र की संपत्ति में सनी देओल और बॉबी देओल के बराबर ही हिस्सा मिलेगा.

क्यों हेमा मालिनी को धर्मेंद्र की प्रॉपर्टी में नहीं मिलेगा हिस्सा? 450 करोड़ की संपत्ति में बेटियों का कितना हक?

अमान्य शादी से पैदा हुए बच्चे पिता की संपत्ति के हकदार
एडवोकेट कमलेश कुमार मिश्रा ने बताया- ‘सुप्रीम कोर्ट के 2023 के फैसले ने एक साफ तरीका बताया है कि कैसे एक अमान्य शादी से पैदा हुए बच्चे, माता-पिता के पैतृक या सहदायिक संपत्ति में हिस्से के हकदार हो सकते हैं. इसने विशेष रूप से HMA की धारा 16(3) और हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम (HSA) की धारा 6(3) के बीच तालमेल बैठाया है.’

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