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कौन हैं सपा की ‘इंस्टा क्वीन’ मुस्कान मिश्रा? महंत राजू दास से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय सचिव पद से हटाई गईं

कौन हैं सपा की 'इंस्टा क्वीन' मुस्कान मिश्रा? महंत राजू दास से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय सचिव पद से हटाई गईं

सपा नेता मुस्कान

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना ने हलचल मचा दी है. पार्टी की महिला इकाई ‘समाजवादी महिला सभा’ की राष्ट्रीय सचिव मुस्कान मिश्रा को अचानक उनके पद से हटा दिया गया है. महज तीन महीने पहले जुलाई में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अयोध्या में हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास से उनकी मुलाकात ने पार्टी को नाराज कर दिया.

लखनऊ की मुस्कान मिश्रा एक 22 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में जानी जाती हैं, उनके इंस्टाग्राम अकाउंट (@muskan_
.mishra_) पर करीब 6.68 लाख फॉलोअर्स हैं, जहां वे सपा की नीतियों का प्रचार करने वाली रील्स और वीडियो पोस्ट करती नजर आती हैं.

प्रोफाइल में खुद को ‘राष्ट्रीय सचिव’ बताने वाली मुस्कान को पार्टी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर युवा वोटरों को जोड़ने की जिम्मेदारी दी थी. लेकिन रविवार को अयोध्या यात्रा के दौरान महंत राजू दास से मिलने और उनका आशीर्वाद लेने का वीडियो वायरल होते ही विवाद खड़ा हो गया.

मुलाकात का वीडियो वायरल, पार्टी में गूंजी नाराजगी

मुलाकात का वीडियो प्रतापगढ़ के व्यवसायी सूरज पांडेय ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया, जिसमें मुस्कान महंत के चरण स्पर्श करती और आशीर्वाद लेती दिख रही हैं. सूरज लखनऊ में सूरज ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाते हैं. वीडियो वायरल होते ही सपा कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया.

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महंत राजू दास ने मुलायस सिंह के खिलाफ की थी टिप्पणी

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे ‘पार्टी विरोधी गतिविधि’ करार दिया. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पार्टी में यह मामला इसलिए संवेदनशील हो गया, क्योंकि महंत राजू दास ने महाकुंभ मेले के दौरान सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं.

महाकुंभ में मुलायम सिंह स्मृति सेवा संस्थान के टेंट में लगी उनकी मूर्ति पर महंत ने सोशल मीडिया पर ‘कठमुल्ला’ जैसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया था. सपा ने इसका जबरदस्त विरोध किया था. ऐसे में मुस्कान की मुलाकात को पार्टी ने ‘नेताजी के अपमान का समर्थन’ माना।

जूही सिंह का सख्त फैसला: ‘तत्काल प्रभाव से मुक्त’

सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने सोमवार को एक संक्षिप्त आदेश जारी कर मुस्कान को सभी पदों से पदमुक्त कर दिया. पत्र में लिखा है, “आपको तत्काल प्रभाव से समाजवादी महिला सभा के राष्ट्रीय सचिव पद से मुक्त किया जाता है. नेताजी हम सबके प्रेरणा स्रोत थे और रहेंगे.”

यह फैसला कुछ घंटों में ही लिया गया, जो पार्टी की सख्ती को दर्शाता है. मुस्कान ने एक महीने पहले ही जूही सिंह को पत्र लिखकर पार्टी में अपने साथ हो रहे ‘बुरे बर्ताव’ की शिकायत की थी. उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय सचिव बनने के बाद भी उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल रहा. लेकिन इस बार विवाद इतना गहरा हो गया कि कोई सुनवाई नहीं हुई.

मुस्कान बोली ‘पता नहीं था, कार्यकर्ता बनी रहूंगी’

निष्कासन के बाद मुस्कान ने एक इंटरव्यू में सफाई देते हुए कहा, “मुझे महंत राजू दास के बयानों की पूरी जानकारी नहीं थी. मैं सिर्फ आशीर्वाद लेने गई थी. पार्टी से पद छिन गया, लेकिन मैं एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में सपा के लिए काम करती रहूंगी.”

उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कुछ ने इसे सपा की ‘हिंदू विरोधी’ छवि का प्रमाण बताया, तो कुछ ने पार्टी लाइन का पालन न करने पर सही कार्रवाई करार दिया.

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