कुर्की के आदेश के बीच अब कोर्ट से खारिज हुई जैनब फातिमा की यह याचिका, अतीक के परिवार की मुश्किलें और बढ़ीं | Allahabad High Court rejects the petition to stop the arrest of Zainab Fatima

शाइस्ता परवीन और देवरानी जैनब फातिमा
उमेश पाल हत्याकांड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई. कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की बीबी जैनब फातिमा की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस वीके बिरला एवं जस्टिस विनोद दिवाकर की खंडपीठ ने जैनब फातिमा की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है.
याचिका में कहा गया कि जैनब फातिमा का उमेश पाल हत्याकांड को लेकर दर्ज एफआईआर में नाम नहीं है. उमेश पाल की पत्नी जया पाल सहित अन्य के बयान में भी उसका नाम नहीं आया है. मुकदमे में सह अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हो चुका है.
याचिका में कहा गया, जैनब के खिलाफ नहीं है सुबूत
इसके साथ ही याचिक में यह भी कहा गया कि सह अभियुक्तों के बयान के आधार पर जैनब फातिमा को इस मुकदमे में झूठा फंसाया गया है, जबकि उसके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है. साथ ही यह भी दलील दी गई कि ऐसी स्थिति में याची जैनब फातिमा को गिरफ्तारी से संरक्षण दिया जाए. उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगे.
फरार चल रही है जैनब फातिमा
वहीं, राज्य सरकार की तरफ से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि याची पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर प्रवृत्ति के हैं. इसके अलावा याची जैनब फातिमा जांच में भी सहयोग भी नहीं कर रही है. कोर्ट ने गंभीरता को दिखाते हुए मामले में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया और जैनब फातिमा की याचिका खारिज हो गई. बता दें कि जैनब इस समय फरार है. पुलिस ने उसकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की अनुमति कोर्ट से हासिल कर चुकी है.
अतीक अहमद के भांजे की खारिज हो चुकी है जमानत याचिका
मालूम हो कि इसके पहले अतीक अहमद के भांजे जका अहमद की अग्रिम जमानत अर्जी भी जिला न्यायालय ने खारिज कर दी थी. जुलाई महीने में जका के खिलाफ रंगदारी के लिए धमकी देने के आरोप में पूरामुफ्ती थाने एफआईआर दर्ज हुई थी. पूरा मामला डी 60 फीट रोड स्थित जाफरी कॉलोनी में रहने वाले प्रापर्टी डीलर साबिर हुसैन से जुड़ा है.
अतीक के भांजे पर ये है आरोप
जाफरी ने 28 जुलाई को पूरामुफ्ती थाने में अतीक अहमद की बहन शाहीन, बहनोई मोहम्मद अहमद और भांजे जका समेत अन्य के खिलाफ आइपीसी की धारा 147, 148, 323, 504, 506, 386 और 392 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था. साबिर ने आरोप लगाया था कि वह एक ग्राहक को कालिंदीपुरम कालोनी में जमीन दिखाने गया था. जहां अतीक के भांजे जका ने आकर धमकाया कि यहां सौदा करना है तो 10 लाख रुपये रंगदारी देनी होगी.
(इनपुट- दिनेश सिंह)
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