कानपुर में इन 2 स्कूलों पर गिरी गाज, यू-डायस नंबर सस्पेंड; एडमिशन लेने वाले छात्रों का क्या होगा?

निजी स्कूलों द्वारा लगातार आरटीई नियमों का उल्लंघन किया जाता है. कई बार चेतावनी देने के बावजूद निजी स्कूल अपनी मनमानी करते रहते हैं. ऐसे स्कूलों के खिलाफ अब शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं. दो निजी स्कूलों ने गरीब बच्चों को मुफ्त दाखिला देने के कानून का पालन नहीं किया. इसलिए उनका यू-डायस नंबर निलंबित कर दिया गया. यह दोनों शहर के चर्चित और प्रतिष्ठ स्कूल डॉ. वीरेन्द्र स्वरूप पब्लिक स्कूल (गोविंद नगर) और एस्कॉर्ट वर्ल्ड स्कूल (केशवपुरम कल्याणपुर) है. यह कार्रवाई निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 की धारा 12(1)(ग) के उल्लंघन पर हुई है.
आरटीई कानून के तहत निजी स्कूलों को अपनी सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए रखना पड़ता है. इन बच्चों का दाखिला मुफ्त होता है और सरकार खर्च उठाती है. लेकिन इन दो स्कूलों ने आवंटित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया. इससे अभिभावक परेशान हो गए. वे जनता दर्शन में शिकायत लेकर पहुंचे. जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शिकायतों को गंभीरता से लिया और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दाखिला कराने के आदेश दिए. फिर भी स्कूल प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया.
35 बच्चों का कोटा एडमिशन सिर्फ 7 को
डॉ. वीरेन्द्र स्वरूप स्कूल की बात करें तो यहां नियति मिश्रा को 30 दिसंबर 2024 और प्रनय सोनी को 29 जनवरी 2025 को दाखिला मिला था. विभाग ने कई नोटिस भेजे. 8 और 9 अक्टूबर को अंतिम चेतावनी दी गई, लेकिन स्कूल ने साफ कह दिया कि आरटीई के तहत कोई बच्चा नहीं लेंगे. इस साल स्कूल को 30 बच्चों का आवंटन मिला था, मगर सिर्फ 12 को ही प्रवेश दिया. बाकी बच्चे इंतजार में हैं.
एस्कॉर्ट वर्ल्ड स्कूल में भी यही हाल है. दिव्यम श्रीवास्तव, मानवेन्द्र और मोहम्मद रेयान अख्तर जैसे बच्चों को दाखिला नहीं मिला. स्कूल को 35 बच्चों का कोटा मिला, लेकिन केवल 7 को जगह दी. विभाग ने 9 जून, 11 जुलाई और 19 सितंबर 2025 को नोटिस जारी किए. खंड शिक्षा अधिकारी शास्त्री नगर खुद स्कूल गए और समझाया, मगर प्रधानाचार्या ने ना दाखिला लिया न जवाब दिया. अभिभावक डीएम और जन प्रतिनिधियों से लगातार मदद मांग रहे थे.
यू-डायस नंबर निलंबित
कई बार नोटिस जारी किए जाने और अधिकारियों को समझाने पर भी स्कूल नहीं माने तो अधिकारियों की सिफारिश पर दोनों स्कूलों के यू-डायस नंबर निलंबित किए गए. डॉ. वीरेन्द्र स्वरूप का नंबर 09341103909 और एस्कॉर्ट का 09341110927 है. जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आरटीई का मकसद वंचित बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है. यह सिर्फ कानूनी जिम्मेदारी नहीं, सामाजिक कर्तव्य भी है. स्कूल आगे आएं, बच्चों का भविष्य संवारें और अपनी इज्जत बढ़ाएं.
बीएसए सुरजीत कुमार सिंह ने बताया कि यू-डायस नंबर स्कूल की आधिकारिक पहचान है. निलंबन से स्कूल सरकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाता. सरकारी योजनाओं से दूर हो जाता है. नए बच्चों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन रुक जाता है. शिक्षा विभाग मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है. यू-डायस नंबर कैंसिल होने से स्कूलों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
आरटीई के तहत 712 स्कूलों में 4663 बच्चों दाखिला
वहीं इस सत्र में जिले के 712 स्कूलों में 4663 बच्चों का आरटीई के तहत दाखिला हो चुका है. अभी 16 हजार से ज्यादा बच्चे इस योजना से पढ़ रहे हैं. कुछ स्कूलों ने पूरा सहयोग किया. जैसे शीलिंग हाउस, ओंकारेश्वर विद्या मंदिर, बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, मरियमपुर पब्लिक स्कूल और स्वराज इंडिया स्कूल ने सभी आवंटित बच्चों को दाखिला देकर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया. ये स्कूल दूसरों के लिए मिसाल हैं.
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि अन्य स्कूल भी नियम मानें, वरना ऐसी ही सजा मिलेगी. आरटीई से गरीब बच्चों को मुख्यधारा में लाने का सपना पूरा हो रहा है, लेकिन ऐसे स्कूल बाधा बन रहे हैं. अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन की यह सख्ती जारी रहनी चाहिए ताकि हर बच्चे को पढ़ने का हक मिले.
