कब्रिस्तान की मिट्टी भी बेच दी…नहीं थम रहे खनन माफिया, किसकी है मिलीभगत?

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में खनन माफिया और अधिकारी की मिलीभगत का मामला सामने आया है. खनन माफिया जिन्होंने कब्रिस्तान की जमीन से मिट्टी का खनन कर चोरी कर लिया और इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन और आसपास के लोगों को भी नहीं हुई. वनवासी समाज के लोगों ने अपने कब्रिस्तान की मिट्टी गायब होने की जानकारी अधिकारियों को दी तो वह भी टालमटोल करने लगे. वहीं इस मामले में लेखपाल के द्वारा अज्ञात खनन माफिया के खिलाफ शादियाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है.
मामला गाजीपुर जनपद के मनिहारी ब्लॉक के बौरीवीरसिंहपुर गांव का है. जहां पर करीब 12 बीघा ग्राम समाज की जमीन है और उसी ग्राम समाज की जमीन में करीब एक बीघा की जमीन वनवासी समाज के मुसहर लोगों को कब्रिस्तान के लिए आवंटित की गई है. यानी कि इसी जमीन में मुसहर समाज के जिस भी व्यक्ति की मृत्यु होती है उसे दफन किया जाता है. इसी कब्रिस्तान की भूमि से पिछले कुछ दिनों से खनन माफिया रात दिन एक कर भारी मात्रा में मिट्टी ले गए.
हालांकि इसको लेकर मुसहर समाज के लोगों ने रोकने का प्रयास भी किया लेकिन वो लोग दबंग थे और कहीं ना कहीं प्रशासनिक व्यवस्था के मिली भगत से मिट्टी के खनन का काम कर रहे थे. वहीं इसको लेकर मुसहर समाज के लोगों ने थाने और तहसील में अधिकारियों से शिकायत की लेकिन अधिकारियों उनकी शिकायत सुनना तक जरूरत नहीं समझा.
कब्रिस्तान में कर दी खुदाई
हालांकि इस मामले में जखनिया एसडीएम रविश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले की कोई भी शिकायत नहीं मिली है. मामला कब्रिस्तान से जुड़ा था इसलिए मामला काफी संवेदनशील था. हालांकि यह कब्रिस्तान मुस्लिम समाज का नहीं था इसलिए अधिकारी भी वनवासी समाज के लोगों की बातों को अनसुना कर खनन माफियाओं को सह दे रहे थे. जिससे खनन माफियाओं ने लाखों रुपए का मिट्टी कब्रिस्तान से निकलकर बेच दी.
अज्ञात खनन माफियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
वही जब यह मामला मीडिया तो तहसील प्रशासन की आंखें खुली और फिर आनन-फानन में राजस्व कर्मी लेखपाल आनंद श्रीवास्तव के द्वारा शादियाबाद थाने में अज्ञात खनन माफियाओं के नाम तहरीर देकर सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान अधिनियम 3 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है. वहीं अब मुकदमा दर्ज हो जाने के बाद खनन माफियाओं में खलबली मची है. लेकिन सवाल उठता है कि कब्रिस्तान से मिट्टी चोरी हो गई और प्रशासन को पता भी नहीं चला और अब सिर्फ लीपा पोती के लिए मुकदमा दर्ज कराया गया है.

