‘एक दिन बाद बेटी की शादी, गैस नहीं मिल रही’… सुबह से शाम तक लाइन में लगा रहा पिता, कहा- मिठाई-खाना कैसे बनवाएं?


तस्वीरों में दिख रहे व्यक्ति का नाम रविंद्र नाथ तिवारी है. रविंद्र अमेठी जिले के डेढ़ पसार गांव के रहने वाले हैं. गुरुवार यानी 12 मार्च को इनकी बेटी की शादी है. घर में बारात आनी है. उसके स्वागत के लिए पकवान बनना है, लेकिन गैस सिलेंडर ही नहीं है तो पकवान बने कैसे? 11 मार्च को बेचारे रविंद्र 6 खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसी में सुबह से शाम तक लाइन में लगे रहे, लेकिन एक भी भरा सिलेंडर नहीं मिल पाया. बेचारे मायूस होकर घर लौट आए. आज सुबह मिठाई बनाने के लिए हलवाई आए. उन्होंने देखा कि बारात वाले घर में तो सिलेंडर ही नहीं है. अब बेचारे रविंद्र लकड़ी के चूल्हे जलाकर पकवान बनवाने को मजबूर हैं.
बता दें कि उत्तर प्रदेश LPG गैस की किल्लत लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है. लोग सुबह से शाम तक गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में लग रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है. लाइन का हाल तो ये है कि एक से डेढ़ किलोमीटर तक लंबी लाइन लग रही है, लाइन में धक्का-मुक्की और मारपीट तक हो जा रही है. हालात न बिगड़े, इसके लिए एजेंसियों के बाहर पुलिस फोर्स तक को तैनात करना पड़ रहा है. इसी बीच अमेठी जिले से जो कहानी निकलकर सामने आई, उसने तो सभी को हैरान कर दिया.

12 मार्च को घर पर आनी है बारात
एक पिता अपनी बेटी की शादी से पहले गैस सिलेंडर के लिए सुबह से लेकर शाम तक एजेंसी पर लाइन में लगा रहा, लेकिन उसे सिलेंडर नहीं मिल सका. निराश होकर अधिकारियों को फोन लगाकर लगातार सिलेंडर की मांग करता रहा, लेकिन अधिकारियों ने भी अनसुना कर दिया. मामला डेढ़ पसार गांव का है. गांव के रहने वाले रविंद्र नाथ तिवारी की बेटी की 12 मार्च को शादी है. आज घर पर मिठाई बनाने के लिए हलवाई आ गए, लेकिन गैस सिलेंडर न होने से कुछ काम नहीं हुआ.
सिलेंडर के लिए भटक रहा दुल्हन का पिता
दुल्हन के पिता रविंद्र नाथ तिवारी शादी की अन्य तैयारियों को छोड़कर गैस सिलेंडर के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. बुधवार को भी दिनभर एजेंसी के बाहर लाइन में लगे रहे, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला. रविंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि अगर सिलेंडर के लिए रातभर भी लाइन में लगना पड़े तो वह लगने को तैयार हैं, लेकिन सिलेंडर मिल जाए, ताकि शादी में बनने वाला खाना और मिठाइयां तैयार हो सकें.

अब लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जा रहा पकवान
उधर, शादी वाले घर आया हलवाई भी सुबह से गैस सिलेंडर मिलने का इंतजार करता रहा, ताकि मिठाई और अन्य पकवान बनाना शुरू किया जा सके. जब शाम तक गैस सिलेंडर मिलने की उम्मीद खत्म हो गई तो मजबूरन हलवाई ने मिठाई बनाने का काम लकड़ी के चूल्हे के सहारे शुरू किया. इस दौरान रविंद्र नाथ तिवारी का दर्द भी छलक पड़ा. उन्होंने कहा कि अगर गैस सिलेंडर नहीं मिला तो शादी की तैयारियां प्रभावित होंगी. उनकी इज्जत पर भी आंच आ सकती है.
बुकिंग के बावजूद नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर
परिजनों का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जबकि जिम्मेदार अधिकारी जनपद में पर्याप्त गैस सिलेंडर होने का दावा कर रहे हैं. अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर वास्तव में पर्याप्त सिलेंडर मौजूद हैं तो फिर लोगों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद गैस क्यों नहीं मिल पा रही है. वहीं जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत के बताया कि जनपद में गैस सिलेंडर की कोई दिक्कत नहीं है. हमारे पास 2 से 3 दिन का स्टॉक मौजूद है.
