‘ईरान पर अमेरिकी हमलों में शामिल नहीं था ब्रिटेन क्योंकि हम…’, ट्रंप की नाराजगी पर UK के पीएम ने क्या बताया?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों में शामिल नहीं होने के अपने फैसले का बचाव किया. सोमवार (2 मार्च, 2026) को उन्होंने कहा कि उनकी लेबर पार्टी सरकार हवाई हमलों के जरिए सत्ता परिवर्तन में विश्वास नहीं करती.
केअर स्टार्मर ने संसद को जानकारी देते हुए बताया कि ब्रिटेन ने पश्चिम एशिया में सीमित रक्षात्मक उद्देश्य के लिए अमेरिकी सेना को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति दी है. उन्होंने संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमंस में सांसदों को संबोधित करते हुए यह बात कही. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें इस बात से बहुत निराशा हुई कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने ब्रिटिश सैन्य ठिकानों के उपयोग को लेकर अपना निर्णय बदलने में बहुत अधिक समय लिया.
केअर स्टार्मर ने कहा, ‘यह सरकार हवाई हमलों के जरिए सत्ता परिवर्तन में विश्वास नहीं करती.’ स्टार्मर ने कहा, ‘ईरान पर अमेरिका और इजरायल के शुरूआती हमलों में ब्रिटेन शामिल नहीं था. यह निर्णय जानबूझकर लिया गया था. हम मानते हैं कि इस क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि एक समझौता किया जाए, जिसमें ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की अपनी इच्छाओं को छोड़ने पर सहमति जताए और क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने वाली अपनी गतिविधियां बंद कर दे.’
उन्होंने कहा, ‘ब्रिटेन की अलग अलग सरकारों का यह दीर्घकालिक रुख रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने हमारे उस फैसले पर असहमति जताई है, जिसमें हमने प्रारंभिक हमलों में शामिल होने से इनकार किया था, लेकिन यह मेरा कर्तव्य है कि मैं यह तय करूं कि क्या चीज ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में है. यही मैंने किया है, और मैं इस निर्णय पर कायम हूं.’ केअर स्टार्मर किसी कार्रवाई में ब्रिटिश सेनाओं के शामिल होने से पहले बार-बार ‘कानूनी आधार’ और ‘एक व्यावहारिक, सोची-समझी योजना’ की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह इराक पर हुए हमले से मिला एक सबक है.



