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‘इमामबाड़ा और तहसील वाली मस्जिद अवैध’… आरिफ कुरैशी के आरोपों का सच क्या? बरेली से TV9 की ग्राउंड रिपोर्ट

'इमामबाड़ा और तहसील वाली मस्जिद अवैध'... आरिफ कुरैशी के आरोपों का सच क्या? बरेली से TV9 की ग्राउंड रिपोर्ट

इमामबाड़ा और तहसील वाली मस्जिद को लेकर हुई शिकायत.

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से 50 किलोमीटर दूर मीरगंज कस्बे में मस्जिद और दुकानों को लेकर विवाद सामने आया है. एक दिन पहले मीरगंज निवासी मोहम्मद आरिफ कुरैशी ने मीरगंज की इमामबाड़ा मस्जिद और तहसील वाली मस्जिद से जुड़ी दुकानों पर आरोप लगाया था कि ये सभी पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अवैध रूप से बनी हुई हैं. मोहम्मद आरिफ का आरोप था कि उसने मई 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले की शिकायत की थी. शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई. जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने बताया कि शिकायत पत्र में किसी भी व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज नहीं था. इसके बावजूद टीम मौके पर पहुंची और जो भी अतिक्रमण पाया गया, उसे हटा दिया गया.

इसके बाद मोहम्मद आरिफ ने दो दिन पहले डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत की. आरिफ का आरोप है कि मुख्यमंत्री से शिकायत करने के बाद मीरगंज के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी उसका हुका-पानी बंद कर दिया गया. उसके खिलाफ फतवा जारी किया गया. पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए टीवी9 डिजिटल की टीम मीरगंज पहुंची और दोनों मस्जिदों के दुकानदारों और आसपास के स्थानीय लोगों से बातचीत की.

बरेली में आरिफ के खिलाफ दर्ज हैं मुकदमे

स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहम्मद आरिफ दबंग किस्म का शख्स है. उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं. लोगों का कहना है कि दोनों मस्जिदें बहुत पुरानी हैं. इमामबाड़ा मस्जिद में कुल 6 दुकानें हैं, जिनमें से 2 दुकानें हिंदू समुदाय के लोगों के पास हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहम्मद आरिफ मस्जिद के पास ही एक दुकान पर लेकर बिरयानी का काम करता था. जब दुकानदार गुड्डू ने उससे किराया मांगा तो आरिफ ने किराया देने से मना कर दिया.

दुकान खाली कराने को लेकर हुआ था विवाद

इसी बात को लेकर दोनों के बीच दुकान खाली कराने को लेकर विवाद हुआ. काफी मशक्कत के बाद गुड्डू ने दुकान खाली कराई. तभी से मोहम्मद आरिफ नाराज है और लगातार गलत शिकायतें कर रहा है. लोगों का साफ कहना है कि कोई भी दुकान या मस्जिद अवैध नहीं है. बीच-बीच में पीडब्ल्यूडी की टीम आती है और निशान लगाकर चली जाती है. यह मस्जिद अतिक्रमण से भी बाहर है.

मस्जिद के मुतवल्ली ने आरोपों को झूठा बताया

वहीं तहसील वाली मस्जिद के मुतवल्ली से बात करने पर उन्होंने साफ कहा कि मस्जिद अवैध नहीं है. यह मस्जिद 40 से 50 साल पुरानी है. उन्होंने कहा कि मोहम्मद आरिफ पैसे की वसूली के लिए इस तरह की शिकायतें कर रहा है. मुतवल्ली, मीरगंज के पूर्व पार्षद और स्थानीय लोगों का कहना है कि कोई फतवा जारी नहीं किया गया है. किसी का भी हुक्का-पानी बंद नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर फतवा जारी किया गया होता तो उसकी कॉपी दिखाई जाती, क्योंकि फतवा आमतौर पर दरगाह आला हजरत से जारी होता है. आरिफ द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं.

क्या बोले मीरगंज के पूर्व चेयरमैन?

मोहम्मद आरिफ ने मीरगंज के पूर्व चेयरमैन इलियास पर भी यह आरोप लगाया कि इलियास से उसे जान का खतरा है. जब टीवी9 डिजिटल की टीम ने इलियास से बात की तो उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले मोहम्मद आरिफ और उसके परिवार से उनका विवाद हुआ था, जिस पर मुकदमा दर्ज कराया गया था. इलियास का कहना है कि उसी मुकदमे को वापस लेने के दबाव में मोहम्मद आरिफ अब उनके ऊपर झूठे आरोप लगा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं.

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