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आतंक, धर्मांतरण और लव जिहाद…CM योगी के बयान से हलाल पर सियासत

आतंक, धर्मांतरण और लव जिहाद...CM योगी के बयान से हलाल पर सियासत

हलाल पर सियासत

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के एक बयान से राजनीतिक आग लग गई है. ये बयान हलाल सर्टिफिकेशन पर है, जिसमें आतंकवाद लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे षड्यंत्रों का एंगल जोड़ा गया है. दरअसल कल सीएम योगी गोरखपुर में आरएसएस के दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव कार्यक्रम में थे, जहं उन्होंने एक बार फिर से हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर यूपी सरकार का स्टैंड क्लियर कर दिया.

हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर पहले भी सीएम योगी आदित्यनाथ पहले भी अपना सख्त रुख जाहिर कर चुके हैं. उनका कल का बयान और भी विस्फोटक है, जिसके बाद विपक्षी दल सीएम योगी पर आक्रामक हैं, वो उन पर लोगों को बांटने का आरोप लगा रहे हैं.

हलाल पर CM योगी ने क्या-क्या कहा?

पहले ये जान लीजिए कि हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर सीएम योगी ने क्या कहा? सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में हलाल सर्टिफिकेशन पर पूरी तरह से रोक है. यहां कोई भी संस्था हलाल सर्टिफिकेट लगाकर अपनी चीजें नहीं बेच सकती है. उन्होंने कहा कि हलाल के नाम पर आतंकवाद के लिए पैसे जुटाए जाते हैं. इन पैसों का इस्तेमाल धर्मांतरण और लव जेहाद के लिए होता है. हलाल के नाम पर साजिश हो रही है, यूपी में इस पर प्रतिबंध है. यूपी में कोई इसे खरीदेगा या बेचेगा नहीं.

राजनीति इस्लाम’ को बताया आस्था का शत्रु

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में ‘राजनीति इस्लाम’ को सनातन की आस्था का सबसे बड़ा शत्रु बताया. उन्होंने कहा कि हम ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेशवाद के खिलाफ लड़े, राजनीतिक इस्लाम के खिलाफ भी हमारे पूर्वजों ने लड़ाई लड़ी. उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्र के नायकों को याद करते हुए कहा कि राजनीतिक इस्लाम वही है, जो छांगुर के रूप में देश की डेमोग्राफी को बदलने और राष्ट्र माता के टुकड़े टुकड़े करने की मंशा से किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री की बात से सहमत नहीं- मौलाना रजवी

आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन लोगों ने हलाल सर्टिफिकेट देने का सिलसिला शुरू किया है, वो शरियत की रौशनी में सरासर गलत है. मजहब की आड़ में पैसा कमाया जा रहा है. मौलाना ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कि इस बात से मैं सहमत नहीं हूं कि इस पैसे को आतंकवाद के लिए खर्च किया जा रहा है.

हलाल सर्टिफिकेट का मतलब क्या?

दरअसल, जब किसी खाने या प्रोडक्ट को हलाल सर्टिफिकेट मिलता है तो इसका मतलब है कि उसे बनाने में कोई ऐसी चीज इस्तेमाल नहीं हुई जो इस्लाम में हराम है. अगर बात मांस की हो तो हलाल सर्टिफिकेशन तब मिलता है जब जानवर को इस्लामी तरीके से काटा गया हो.
भारत में जमीयत उलमा-ए-हिंद हलाल ट्रस्ट नाम की संस्था है, जो ये सर्टिफिकेशन देती है. ये लोग जांचते हैं कि कोई प्रोडक्ट इस्लामिक नियमों के हिसाब से बना है या नहीं. जांच में प्रोडक्ट के हर हिस्से को देखा जाता है, उसमें क्या-क्या चीजें डाली गई, उसे बनाने का तरीका क्या था, पैकिंग का तरीका आदि.

  • हलाल एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ होता है वैध या जायज.
  • ये इस्लामी कानून के तहत मुसलमानों के लिए स्वीकार्य और उनकी जीवन शैली को दर्शाता है. हलाल सर्टिफिकेशन का मूल उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि किसी सामान का उत्पादन प्रक्रिया इस्लामिक विधियों और मानकों के अनुरूप हो.
  • भारत में हलाल सर्टिफिकेशन अनिवार्य नहीं है, बल्कि स्वैच्छिक प्रक्रिया है यानी खाद्य निर्माता को इसे लेना जरूरी नहीं है.
  • भारत में हलाल सर्टिफिकेशन को सरकार द्वारा एक राष्ट्रीय मानक के रूप में नियंत्रित नहीं किया गया है, कई निजी और इस्लामी संगठनों द्वारा प्रमाणपत्र जारी होते हैं.
  • यूपी में किसी भी सामान पर हलाल सर्टिफिकेशन लिखने पर प्रतिबंध है.

ब्यूरो रिपोर्ट, टीवी9 भारतवर्ष

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