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अर्ध नग्न की परिभाषा क्या है? अनिरुद्धाचार्य ने कहा- ब्लू है पानी-पानी देख लीजिए, जवाब मिल जाएगा

अर्ध नग्न की परिभाषा क्या है? अनिरुद्धाचार्य ने कहा- ब्लू है पानी-पानी देख लीजिए, जवाब मिल जाएगा

अनिरुद्धाचार्य महाराज

मथुरा वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज लड़कियों की शादी की उम्र और उनके चरित्र के बारे में टिप्पणी करने के बाद से लगातार विवादों में हैं. अनिरुद्धाचार्य ने TV9 भारतवर्ष के साथ खास बातचीत की. इस विशेष बातचीत में अनिरुद्धाचार्य महाराज ने सवालों के जबाब दिए. कई बार ऐसा भी हुआ कि जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब देने के बदले दूसरों से ही सवाल कर दिए.

इसी बीच अनिरुद्धाचार्य ने कुछ लड़के और लड़कियों के अर्धनग्न घूमने की बात भी कही. उन्होंने किसी सवाल के जवाब में ही ये पूछ लिया कि आज के समय में कुछ लड़कियां कुछ लड़के अर्धनग्न घूमे तो आपत्ति है या नहीं. इस पर साक्षात्कारकर्ता द्वारा अनिरुद्धाचार्य महाराज से पूछ लिया गया कि आखिर अर्धनग्न की परिभाषा क्या है. इसके बाद कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अर्धनग्न की परिभाषा बताई.

अनिरुद्धाचार्य के अनुसार… ये है अर्धनग्न की परिभाषा

अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा, ‘ब्लू है पानी पानी गाना देख लीजिए. हमारी भाषा में वो सब महिलाएं अर्धनग्न हैं. हमारे देश में कितनी ही फिल्में ऐसी बनती हैं, जिनको घर में एक बाप अपनी बेटी के साथ बैठकर नहीं देख सकता क्योंकि उसमें अश्लीलता होती है. उस अश्लीलता का नाम ही अर्धनग्नता है.’ इस पर महाराज अनिरुद्धाचार्य से सवाल किया गया कि क्या अर्धनग्न की परिभाषा कपड़ों से तय होती है.

संतों से मीठी वाणी की उम्मीद मत कीजिए-अनिरुद्धाचार्य महाराज

इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अर्धनग्नता की परिभाषा कपड़ों और वाणी दोनों से तय होती है. फिर साक्षात्कारकर्ता द्वारा अनिरुद्धाचार्य महाराज के सामने पीवी सिंधु, सायना नेहवाल और मनिका बत्रा का उदाहरण देते हुए पूछा गया कि ये तीनों खिलाड़ी खेलते समय छोटे कपड़े पहनती हैं. इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि खेलने के लिए छोटे कपड़े पहनना उन खिलाड़ियों की मजबूरी होती होगी.

उन्होंने कहा कि संतों से मीठी वाणी की उम्मीद मत कीजिए. जहां सतों को मीठा बोलने की जरूरत होती है वो मीठा बोलेगा, लेकिन संत को जहां कड़वा बोलने की जरूरत है वो कड़वा बोलेगा क्योंकि समाज को सुधारने की जरूरत है.

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