अमित शाह ने लखनऊ में रचा चुनावी चक्रव्यूह, इन सीटों पर क्लीनस्वीप का प्लान तैयार | lucknow amit shah meeting regarding strategy for upcoming phases of voting in UP

अमित शाह.Image Credit source: PTI
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में तीसरे, चौथे और पांचवें चरण के मतदान की रणनीति को लेकर गुरुवार को पार्टी पदाधिकारियों के साथ लखनऊ में बैठक की. पार्टी सूत्रों के मुताबिक बैठक में पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, और राज्य के मंत्री तथा पार्टी के अन्य पदाधिकारी शामिल हुए.
उन्होंने बताया कि बैठक में पार्टी के उन जिला प्रमुखों को बैठक में बुलाया गया, जहां अभी मतदान बाकी है. पार्टी के क्षेत्रीय पदाधिकारियों तथा चुनाव के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों को भी बुलाया गया था. अमित शाह ने लोकसभा सीट पर पार्टी की रणनीति पर चर्चा की और पदाधिकारियों से बूथ स्तर के सदस्यों को प्रोत्साहित तथा सक्रिय करने के लिए भी कहा.
लखनऊ में हुई मीटिंग
सूत्रों ने बताया कि अमित शाह ने पदाधिकारियों से बूथ स्तर पर यह सुनिश्चित करने को कहा कि बीजेपी के सभी समर्थक मतदान के दिन बाहर आएं और मतदान करें. यह बैठक लखनऊ एयरपोर्ट के पास एक प्राइवेट होटल में करीब दो घंटे तक चली. बता दें कि लोकसभा चुनाव के तीसरे, चौथे और पांचवें चरण में राज्य की 37 लोकसभा सीट पर मतदान होना है.
कैसरगंज-रायबरेली सीट पर उम्मीदवार
इसमें अमेठी, रायबरेली, लखनऊ, मोहनलालगंज, बाराबंकी, फ़ैज़ाबाद, कैसरगंज और गोंडा के बीजेपी के नेताओं को भी बुलाया गया थी. बता दें कि बीजेपी ने गुरुवार को ही कैसरगंज और रायबरेली से अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी. कैसरगंज से सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह का टिकट काट कर उनके बेटे करण को दिया गया है. वहीं रायबरेली से फिर दिनेश प्रताप सिंह ही बीजेपी से चुनाव लड़ेंगे. यूपी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप पिछली बार सोनिया गांधी से हार गए थे. पिछले चुनाव में बीजेपी आठ में से सात सीटें जीतने में कामयाब रही थी.
रायबरेली सीट जीतने पर फोकस
इस बार पार्टी का फोकस रायबरेली सीट भी जीतने पर हैं. इस मीटिंग में लोकसभा के प्रभारी से लेकर संयोजक और संगठन से जुड़े नेताओं को बुलाया गया. क़रीब 200 नेता इस बैठक में शामिल हुए. इससे पहले अमित शाह इस तरह की मीटिंग मुरादाबाद और कानपुर में भी कर चुके हैं. अब तक हुए चुनाव में कम वोटिंग भी मीटिंग का एजेंडा है.

