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अपशब्द कहे, जान से मारने की धमकी दी… बहराइच में SDM के खिलाफ होमगार्डों ने खोला मोर्चा, लगाए गंभीर आरोप

अपशब्द कहे, जान से मारने की धमकी दी... बहराइच में SDM के खिलाफ होमगार्डों ने खोला मोर्चा, लगाए गंभीर आरोप

तीनों होमगार्डों ने होमगार्ड कमांटेंड से शिकायत की.

बहराइच जिले की महसी तहसील में SDM आलोक प्रसाद (ट्रेनी IAS) की सुरक्षा में तैनात तीन होमगार्ड जवानों ने उन पर जातिसूचक अपशब्द कहने, शारीरिक उत्पीड़न कराने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. होमगार्ड जवानों ने इस संबंध में होमगार्ड कमांडेंट को लिखित शिकायत देते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है. शिकायत पत्र में जवानों ने कहा कि 6 जनवरी को ड्यूटी के दौरान SDM आलोक प्रसाद एक दिव्यांग व्यक्ति को अपने पास ले आने से नाराज हो गए और जातिसूचक गालियां दीं.

तीनों होमगार्डों का आरोप है कि SDM आलोक प्रसाद ने अपने गनर एवं ड्राइवर को उन्हें दौड़ लगवाने और उठक-बैठक कराने के निर्देश दिए. साथ ही इसका फोटो भेजने को कहा. आरोप है कि इसके बाद उन्हें ड्यूटी स्थल से भगा दिया गया और मारने की धमकी भी दी गई. बता दें कि होमगार्ड विभाग की महसी कंपनी के आरक्षी राजाराम शुक्ला, रमाकांत मिश्र और राम कुमार तिवारी इन दिनों SDM महसी आलोक प्रसाद की सुरक्षा ड्यूटी में लगे हैं.

24 से 48 घंटे कराई जा रही ड्यूटी

तीनों जवानों ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि SDM द्वारा ड्यूटी व्यवस्था में भी मनमानी की जा रही है, जिससे उनकी ड्यूटी 24 से 48 घंटे तक लगातार हो जाती है. होमगार्ड रमाकांत मिश्र ने बताया कि, हमने जिला कमांडेंट के साथ-साथ मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी पत्र भेजा है. यदि हमें न्याय नहीं मिला और SDM को सस्पेंड नहीं किया गया तो हम आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे.

क्या बोले होमगार्ड कमांडेंट?

वहीं इस मामले में जिला होमगार्ड कमांडेंट ताज रसूल ने कहा कि, महसी में तैनात तीन होमगार्ड जवानों ने SDM आलोक प्रसाद के खिलाफ गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल एवं अन्य आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया है. यह पत्र जिलाधिकारी को भेजा जाएगा. जांच समिति बनाकर जांच कराने का निर्णय जिलाधिकारी स्तर पर लिया जाएगा.

SDM ने आरोपों को गलत बताया

वहीं SDM आलोक प्रसाद ने आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि, एक दिव्यांग फरियादी जमीन पर घिसटते हुए मेरे चैंबर में आया था. कुर्सी पर बैठते समय वह गिरते-गिरते बचा, जबकि तीनों होमगार्ड वहीं बैठे तमाशा देख रहे थे. इस पर मैंने उन्हें फटकार लगाते हुए केवल यह कहा कि आप लोगों में संवेदना नहीं है. इसके अलावा मुझे किसी अन्य आरोप की जानकारी नहीं है.

(रिपोर्ट- अनिल तिवारी/बहराइच)

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