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वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में 5 सीटों पर जीती BJP, कांग्रेस-सपा गठबंधन में दरार

वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में 5 सीटों पर जीती BJP, कांग्रेस-सपा गठबंधन में दरार

वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव.

वाराणसी में नगर निगम के छह कार्यकारिणी सदस्यों के लिए हो रहे चुनाव में बीजेपी के पांच, जबकि समाजवादी पार्टी का एक सदस्य चुनाव जीतने में सफल रहे. इस चुनाव में जो सबसे बड़ी खबर रही वो ये कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे. समाजवादी पार्टी से गोविंद सिंह पटेल, जबकि कांग्रेस से गुलशन अली चुनाव लड़ रहे थे.

संख्या बल के आधार पर बीजेपी 5 सदस्यों को, जबकि विपक्ष संयुक्त रूप से एक सदस्य को कार्यकारिणी में भेज सकता था. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार संख्या बल के आधार पर चुनाव जीतने में सफल रहा.

क्यों हुआ चुनाव?

नगर निगम कार्यकारिणी समिति के सेवानिवृत्त (रिटायर) छह सदस्यों के लिए भाजपा, सपा और कांग्रेस के बीच सहमति बनने पर चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ती, लेकिन सपा और कांग्रेस के बीच की असहमति के कारण चुनाव की स्थिति बन गई है. चुनाव शाम छह बजे से टाउन हॉल (मैदागिन) में शुरू हुआ और नतीजे रात के आठ बजे घोषित किए गए.

पार्षदों की दलीय स्थिति

निर्वाचित कुल सौ पार्षद हैं, जबकि 10 मनोनीत पार्षद हैं. मतदान में मनोनीत पार्षद हिस्सा नही लेते हैं.

पार्टी निर्वाचित पार्षद

बीजेपी- 74 पार्षद

समाजवादी पार्टी- 15 पार्षद

कांग्रेस- 8 पार्षद

निर्दलीय- 3 पार्षद

इसके अलावे मतदान करने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह सहित 112 सदस्यों के नाम हैं. विधानसभा और विधानसभा परिषद के सदस्य भी मतदान में हिस्सा लेते हैं.

कितने सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया और किसको कितना वोट मिला?

कुल 112 वोटों में से 107 वोट पड़े, जिसमें से एक वोट अवैध हो गया था.

इंदिरा रानी- 16 वोट

संदीप रघुवंशी- 16 वोट

बलिराम कन्नौजिया-16 वोट

नरसिंह दास-16 वोट

संजय-17 वोट

ये सभी पांच निर्वाचित सदस्य बीजेपी से हैं, गोविन्द पटेल 16 वोट के साथ समाजवादी पार्टी से निर्वाचित हुए. कांग्रेस के गुलशन अली 9 वोट पाकर चुनाव हार गए.

कांग्रेस ने सपा पर गठबंधन तोड़ने लगाया आरोप

परिणाम आने के बाद कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी पर विश्वास तोड़ने का आरोप लगाया, जबकि पार्षद गुलशन अली ने इसे पीठ में छूरा भोंकने जैसा बताया. गुलशन अली ने कहा कि इसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव में दिखेगा और समाजवादी पार्टी को उसकी सजा भुगतनी पड़ेगी.

कांग्रेस के एक और पार्षद प्रतिनिधि ओकास अंसारी ने कहा कि कार्यकारिणी में एक भी मुस्लिम नही है. यदि समाजवादी पार्टी किसी मुस्लिम कैंडिडेट को भी लड़ाती तो भी हम नाम वापस ले लेते, लेकिन उन्होंने जानबूझकर गोविन्द पटेल को चुनाव लड़वाया और हमारे भरोसे को तोड़ा. अब समाजवादी पार्टी हमसे कोई उम्मीद ना रखे.

समाजवादी पार्टी ने ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा

समाजवादी पार्टी के निर्वाचित पार्षद गोविन्द पटेल समेत तमाम पार्षदों ने कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस चुनाव को गंभीरता से लिया ही नही. यहां तक कि कांग्रेस ने वोटिंग को लेकर व्हीप भी जारी नहीं किया था. ये तय हुआ था कि यदि संख्या बल पर्याप्त होता है तो एक एक पार्षद दोनों पार्टी से कार्यकारिणी में जायेंगे. लेकिन ये हो नहीं पाया. हमारे पास एक सदस्य के लिए पर्याप्त संख्या थी तो हम जीते उनके पास नहीं थी वो हारें. बात बस इतनी ही है. कांग्रेस झूठ मुठ का हौवा खड़ा कर रही है.

बीजेपी ने कसा तंज

वाराणसी में इंडिया गठबंधन के टूटने से बीजेपी बम-बम है. यूपी सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस और सपा दोनो बिन पेंदी के लोटे हैं. इनका कोई ईमान नहीं है. कब गठबंधन करते हैं कब तोड़ते हैं कुछ पता नही है. मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने टीवी 9 डिजिटल को दिए इंटरव्यू में कहा कि ये हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही विपक्ष बिखर चुका है.

जानिए कब-कब और क्या-क्या हुआ कार्यकारिणी के चुनाव में

दोपहर 2:30 बजे: कार्यकारिणी की बैठक शुरू.

दोपहर 3:30 बजे: कार्यकारिणी के छह सदस्यों के चुनाव के लिए नामांकन.

शाम 4:30 बजे : नामांकन वापसी की प्रक्रिया.

शाम 5:30 बजे: मतदान शुरू

शाम 7:30 बजे: मतगणना शुरू

रात्रि 8:15 बजे: चुनाव के नतीजों की घोषणा.

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अमित कुमार सिंह

अमित कुमार सिंह

पिछले 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय, 2008 सितम्बर में नई दुनियां अख़बार दिल्ली से पत्रकारिता शुरू की. अप्रैल 2009 में ज़ी मीडिया जॉइन किया. दिसंबर 2018 तक ज़ी मीडिया में बतौर ब्यूरो चीफ बनारस रहा. जनवरी 2019 से जनतंत्र टीवी में गए और 2021 तक जिम्मेदारी निभाई.

रोमिंग जर्नलिस्ट के तौर पर जनतंत्र टीवी के लिए स्पेशल करेस्पोंडेंट की हैसियत से दिल्ली, बिहार-झारखंड और लखनऊ में अपनी सेवाएं दीं. टीवी 9 यूपी का हिस्सा बनने से पहले न्यूज़ नेशन गोरखपुर में बतौर ब्यूरो चीफ़ की भूमिका में रहे. फिलहाल टीवी 9 यूपी (डिजिटल) के लिए बनारस से सेवाएं दे रहे हैं.

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