वाराणसी से चित्रकूट और खजुराहो जाएगी नई वंदे भारत, टाइम टेबल का भी ऐलान

धार्मिक ट्रायंगल और रामायण सर्किट से जुड़े पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
वाराणसी से चित्रकूट और खजुराहो को सीधे जोड़ने के लिए एक नई वंदे भारत ट्रेन शुरू होने जा रही है. खजुराहो के सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने ट्रेन का शेड्यूल और रेल मंत्री का पत्र भी शेयर किया है. हालांकि ट्रेन शुरू होने की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन यह नई वंदे भारत ट्रेन इस साल के अंत तक शुरू हो सकती है.
यह ट्रेन खजुराहो से दोपहर 3:20 बजे रवाना होगी और महोबा, बांदा होते हुए चित्रकूट धाम स्टेशन पर शाम 6:13 बजे पहुंचेगी. इसके बाद ट्रेन प्रयागराज और विंध्याचल से गुजरते हुए रात 11 बजे वाराणसी पहुंचेगी. वहीं, वाराणसी से यह ट्रेन सुबह 5:25 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:30 बजे खजुराहो पहुंचेगी.
सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘यह ट्रेन क्षेत्र के लोगों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव देगी. यह न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेगी. खजुराहो, चित्रकूट, प्रयागराज और वाराणसी जैसे तीर्थस्थलों को जोड़ने वाली यह वंदे भारत ट्रेन संस्कृति और श्रद्धा के मार्ग को और सशक्त बनाएगी.’
वाराणसी या खजुराहो, किसे ज्यादा लाभ?
वाराणसी टूरिज्म एसोसिएशन के कोऑर्डिनेटर ए.के. सिंह ने टीवी9 डिजिटल से कहा कि नई वंदे भारत ट्रेन से रामायण सर्किट और रिलीजियस टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा. वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या मिलकर रिलीजियस ट्रायंगल बनाते हैं. इस ट्रायंगल का पर्यटन डेस्टिनेशन प्रयागराज से जुड़ा हुआ चित्रकूट है, जो रामायण सर्किट का भी हिस्सा है.
इस वंदे भारत के चलने से सबसे ज्यादा लाभ चित्रकूट और खजुराहो को मिलने जा रहा है. वाराणसी खजुराहो दिल्ली हवाई सेवा पिछले कई वर्षों से बंद है. नई वंदे भारत ट्रेन के चलने से यह कमी पूरी होगी. हालांकि वाराणसी से ज्यादा लाभ खजुराहो को मिलने जा रहा है.

