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बरेली में अशरफ के करीबी लल्ला गद्दी पर पुलिस की टेढ़ी नजर, फिर खुली फाइल… हर एक मूवमेंट पर नजर

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में माफिया गतिविधियों से जुड़े एक अहम मामले में पुलिस ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई की है. बरेली जेल में बंद रहे माफिया अशरफ को गलत तरीके से सुविधाएं दिलाने के आरोप में बरादरी थाना क्षेत्र के रहने वाले लल्ला गद्दी उर्फ मोहम्मद रजा लाल पर पहले गुंडा एक्ट लगाया गया था. अब पुलिस ने उससे एक कदम आगे बढ़ते हुए उसकी हिस्ट्रीशीट खोलकर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है.

मामले में एसएसपी अनुराग आर्य ने यह आदेश जारी किया है कि लल्ला गद्दी की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए.लल्ला गद्दी मूल रूप से चक महमूदका रहने वाला है. बीते दिनों बरादरी पुलिस ने पिछले अपराधों को देखते हुए उस पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी. लेकिन मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा. जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि लल्ला गद्दी की करीबी दोस्ती माफिया अशरफ के साले सद्दाम से हो गई थी. दोनों के बीच अच्छे संबंध बनने के बाद कई गलत कामों की शुरुआत हुई.

जांच में क्या?

जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह सामने आया कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले प्रयागराज से आए शूटरों की मुलाकात बरेली जेल में बंद अशरफ से कराने में लल्ला गद्दी और सद्दाम की भूमिका थी. यह मुलाकात बेहद गुप्त तरीके से कराई गई, जिसके बाद पूरे मामले की परतें धीरे-धीरे खुलती चली गईं.

उमेश पाल हत्याकांड से भी कनेक्शन

उमेश पाल की हत्या के बाद जब बड़े स्तर पर जांच हुई, तो यह पूरा नेटवर्क सामने आया. इस मामले में जेल अधिकारियों तक पर कार्रवाई की गई. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, लल्ला गद्दी ने न सिर्फ शूटरों को मुलाकात कराई, बल्कि सद्दाम के पैसों को बरेली की जमीनों में निवेश कराने में भी उसकी अहम भूमिका रही.

आरोपी पर दर्ज हैं कई मुकदमें

अशरफ को मदद पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने लल्ला गद्दी और उसके कई साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. इनमें से ज्यादातर आरोपी अब जमानत पर बाहर आ चुके हैं, लेकिन पुलिस की नजरें अभी भी उस पर टिकी हुई हैं. लल्ला गद्दी पर हत्या, रंगदारी, धमकी और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामलों समेत दस से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. यही वजह है कि पुलिस उसकी गतिविधियों को मामूली बात मानकर अनदेखा नहीं करना चाहती.

पुलिस ने क्या कहा?

मामले में बरादरी पुलिस ने उसकी पूरी आपराधिक जानकारी तैयार करके एसएसपी को भेज दी थी. रिपोर्ट में लिखे गए आरोपों को गंभीर मानते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने तुरंत उसकी हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश जारी किए. हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब पुलिस हर उस जगह नजर रखेगी जहां लल्ला गद्दी जाता है. उसके पुराने संपर्क, नए रिश्ते, और संदिग्ध लेनदेन की भी मॉनिटरिंग की जाएगी.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिस्ट्रीशीट खुलने से किसी भी अपराधी की हर छोटी-बड़ी हरकत पर नजर रखना आसान हो जाता है. इससे इलाके में अपराध रोकने में भी मदद मिलती है.

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