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नोएडा में इंजीनियर की मौत के मामले में बड़ा एक्शन, दोनों बिल्डरों पर एक और FIR; इनके 3 पार्टनर का भी नाम

नोएडा में इंजीनियर की मौत के मामले में बड़ा एक्शन, दोनों बिल्डरों पर एक और FIR; इनके 3 पार्टनर का भी नाम

दोनों बिल्डरों पर एक और FIR दर्ज हुई.

नोएडा के सेक्टर-150 में हुए इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में दोनों बिल्डरों के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हुआ है. इस मुकदमे में दोनों बिल्डरों के साथ-साथ तीन अन्य लोगों का भी नाम है. नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने पर्यावरण संरक्षण, जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत ये मुकदमा दर्ज किया है. मुकमदे में बिल्डर अभय कुमार सिंह, मनोज कुमार, संजय कुमार, अचल वोहरा व निर्मल का नाम है. संजय कुमार, आंचल वोहरा और निर्मल कुमार… ये तीनों लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड व विश टाउन के पार्टनर हैं. इनमें से पुलिस अभय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में जांच लगातार अब आगे बढ़ रही है. इस कड़ी में नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने इस मामले में एक और FIR दर्ज की है. इस बार मामला केवल हादसा या लापरवाही तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण से जुड़े गंभीर आरोपों के तहत ये कार्रवाई की गई है. पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है.

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5 साल पहले यहां हुआ था निर्माण

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर युवराज की कार गिरी, वहां लंबे समय से निर्माण कार्य बंद पड़ा था. अब से करीब पांच साल पहले यहां निर्माण कार्य कराया गया, लेकिन बीच में ही गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिया गया. यह गड्ढे सड़क के बिल्कुल करीब थे, लेकिन इसके बावजूद न तो वहां कोई बैरिकेडिंग की गई और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए और अंधेरे व कोहरे में यह स्थान जानलेवा साबित हुआ, जिसमें युवराज की कार नाले की दीवार से टकराकर 70 फीट गहरे पानी में जा गिरी और इस हादसे में युवराज की दर्दनाक मौत हो गई.

पर्यावरण और जल प्रदूषण कानून के तहत की गई कार्रवाई

नॉलेज पार्क थाना पुलिस प्रभारी ने बताया कि इस मामले में पर्यावरण संरक्षण जल प्रदूषण के तहत FIR दर्ज की गई है. दोनों बिल्डरों ने मिलकर पर्यावरण और जल प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन किया, जिससे न केवल प्रदूषण फैला बल्कि आम नागरिकों की जान भी खतरे में पड़ गई. नई FIR में नामजद अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, आंचल बोहरा और निर्मल कुमार को नामजद किया गया है. यह सभी लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और एमजेड विशटाउन से जुड़े हुए हैं.

स्थानीय लोगों ने की थी शिकायत, बिल्डरों ने की अनदेखी

वहीं पुलिस का कहना है कि जब निर्माण स्थल का फॉरेंसिक टीम ने आज जायजा लिया तो वहां कई खामियां नजर आईं. जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि निर्माण स्थल को लेकर पहले भी स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत दी गई थी, लेकिन इन दोनों बिल्डरों ने लोगों की शिकायत अनदेखी की, जिसका नतीजा यह रहा कि ये हादसा हो गया. गौरतलब है कि पुलिस ने बिल्डर अभय कुमार सिंह को कोर्ट में पेश करने के बाद अब 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, उनकी गिरफ्तारी कब तक करेगी?

सूरजपुर कोर्ट ने लगाई फटकार

वहीं इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में अब कोर्ट ने सख्त रख अपना लिया है. इस मामले में गिरफ्तार बिल्डर अभय कुमार सिंह को कोर्ट ने 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. सूरजपुर कोर्ट में चली घंटों बहस में बिल्डर की भूमिका पर कई सवाल उठाए गए. इस दौरान कोर्ट ने पुलिस, नोएडा प्राधिकरण और संबंधित विभागों की लापरवाही पर भी जमकर फटकार लगाई.

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कोर्ट ने लापरवाही को लेकर तीखी टिप्पणी की. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह जांच का विषय है कि नाला और गड्ढा क्यों खुला छोड़ा गया था, अगर निर्माण के दौरान गड्ढा खोदा गया तो उसमें बैरिकेडिंग क्यों नहीं लगाई गई, आखिर किसकी जिम्मेदारी बनती थी कि उस स्थान को सुरक्षित किया जाए? कोर्ट ने सुनवाई में यह भी कहा कि जब इस स्थान को लेकर पहले से शिकायत की जा रही थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

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