‘जुआ खेलने जैसा होगा ईरान पर हमला’, डोनाल्ड ट्रंप को किसने दी नसीहत, क्या फैसला लेगा करेगा अमेरिका?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को बार-बार दी जा रही धमकी और तेहरान के पास सैन्य तैनाती से मिडिल ईस्ट में एक और जंग की आहट सुनाई देने लगी है. इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने मंगलवार (24 फरवरी 2026) को कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो यह उसके लिए जुआ खेलने जैसा होगा. हालांकि उन्होंने उम्मीद भी जताई है कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.
जल्द से जल्द डील फाइनल करने को तैयार: ईरान
अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार (26 फरवरी 2026) को जिनेवा में दूसरे दौर की वार्ता होनी है. ईरान ने धमकी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा. ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा, ‘हम जल्द से जल्द समझौते पर पहुंचने के लिए तैयार हैं. हम पूरी ईमानदारी के साथ जिनेवा में वार्ता के लिए जाएंगे.’ दूसरी तरफ व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने मंगलवार (24 फरवरी) को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का पहला विकल्प हमेशा कूटनीति ही रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह सैन्य बल का प्रयोग करने को भी तैयार हैं.
ईरान पर हमला करना जुआ खेलने जैसा: तख्त रवांची
ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची ने कहा, ‘अगर ईरान पर कोई हमला किया जाता है तो हम अपनी रक्षा योजनाओं के अनुसार जवाब देंगे. ईरान पर अमेरिकी हमला एक बड़ा जुआ खेलने जैसा है. हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका भी हमारी तरह वार्ता में तत्परता दिखाएगा.’
ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ एक बार फिर से युवाओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. बीते दिनों में ईरान के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं. इस बीच इन छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने कहा कि छात्रों को विरोध करने का हक है, लेकिन उन्हें मर्यादा याद रहनी चाहिए.
मर्यादा में रहकर करें विरोध: ईरान सरकार की चेतावनी
बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने कहा, ‘विश्वविद्यालय के छात्रों को विरोध करने का हक है, लेकिन सभी को रेडलाइंस को समझना होगा. पवित्र चीजें और झंडा इन रेडलाइंस के दो उदाहरण हैं, जिन्हें हमें बचाना चाहिए और गुस्से में भी पार नहीं करना चाहिए या उनसे भटकना नहीं चाहिए.’ उन्होंने कहा कि ईरान के छात्रों के दिल में घाव हैं और उन्होंने ऐसे हालात देखे हैं, जो उन्हें परेशान और गुस्सा दिला सकते हैं, यह गुस्सा समझा जा सकता है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जंग की आशंका के बीच चीन, ईरान को अपनी सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल CM-302 बेचने के करीब है. चीन का CM-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल करीब 290 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है और दुश्मन के जहाजों को बहुत कम समय में तबाह कर सकती है.



