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जालौन रेप केस में नया मोड़, पिता ने आरोपी पर लिखाई FIR, बेटी ने Video जारी कर कहा- ‘सब मर्जी से हुआ’

जालौन रेप केस में नया मोड़, पिता ने आरोपी पर लिखाई FIR, बेटी ने Video जारी कर कहा- 'सब मर्जी से हुआ'

उरई थाने की पुलिस मामले की जांच में जुटी

उत्तर प्रदेश के जालौन में दुष्कर्म के एक मामले ने उस वक्त नाटकीय मोड़ ले लिया, जब पीड़िता ने खुद सामने आकर पिता के आरोपों को खारिज कर दिया. पुलिस जिस मामले को रेप मानकर जांच कर रही थी. वह अब प्रेम प्रसंग, पारिवारिक कलह और उम्र के दस्तावेजों में उलझ गया है. एक तरफ पिता ने बेटी के साथ दरिंदगी की POSCO एक्ट के तहत FIR दर्ज कराई और आरोपी को जेल भिजवाने की तैयारी की, तो दूसरी तरफ देर रात बेटी ने वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम को झूठा बता दिया है.

आरोपी युवक के पुलिस हिरासत में आने के बाद, लड़की की ओर से जारी किए गए वीडियो ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है. वीडियो में लड़की ने बेबाक अंदाज में कहा, सचिन को जानबूझकर फंसाया जा रहा है. रेप का केस पूरी तरह मनगढ़ंत है. मेरे साथ जो कुछ भी हुआ, वह मेरी अपनी मर्जी से हुआ है. लड़की ने अपने ही परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके घरवाले उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं.

‘जबरदस्ती कराया गया मेडिकल’

उसने दावा किया कि थाने में उसकी सुनवाई नहीं हुई और उसका मेडिकल भी जबरदस्ती करवाया गया, इसलिए मजबूरन उसे सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा. इस मामले में सबसे बड़ा कानूनी पेंच लड़की की उम्र को लेकर फंस गया है. पुलिस जांच में लड़की के दो अलग-अलग आधार कार्ड सामने आए हैं. एक आधार कार्ड के मुताबिक, उसकी उम्र 17 साल (नाबालिग) है, जिससे यह मामला पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत आता है. वहीं, दूसरे आधार कार्ड में उसकी उम्र 21 साल (बालिग) दर्ज है.

आरोपी ने दर्ज कराई थी शिकायत

लड़की का आरोप है कि घरवालों ने उसकी जन्मतिथि (2008) वाला फर्जी प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनवाया है, जबकि वह बालिग है. अब पुलिस के लिए असली दस्तावेज की पहचान करना चुनौती बन गया है. दरअसल, लड़की के पिता ने 5 फरवरी को उरई कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी. उनका आरोप है कि 4 फरवरी को बेटी लाइब्रेरी पढ़ने गई थी. वहां से उमरारखेड़ा निवासी सचिन कुमार उसे बहला-फुसलाकर ले गया और नशीली कॉफी पिलाकर नशे की हालत में दुष्कर्म किया.

पिता के अनुसार, होश आने पर बेटी ने मामा को फोन किया, जिसके बाद लोकेशन ट्रेस कर उसे बरामद किया गया. पिता ने आरोपी पक्ष पर केस वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया गया. कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने BNSS की धारा 183 तहत बयान दर्ज कराए जाएंगे. उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जो भी विवेचना के दौरान साक्ष्य उपलब्ध होंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

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