ईरान में हिंसक प्रदर्शन में हुई मौतों के हैरान करने वाले आंकड़े, अबतक इतने लोगों गंवा चुके हैं अपनी जान

मिडिल ईस्ट में बने हालात दुनिया के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं. ईरान में हुए हिंसक प्रदर्शनों ने कई लोगों की जान जा चुकी है. दिसंबर में शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसा में बदल गया. प्रदर्शन की मूल वजह खामेनेई सरकार की आर्थिक नीति और कमजोर होती ईरानी मुद्रा रही है. यहां के आर्थिक हालात बेहद ही निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. ऐसे में बड़ा वर्ग सड़कों पर सत्ता के खिलाफ प्रदर्शन में जुट गया. यहां धार्मिक शासन को अतं करने की मांग व्यापक स्तर पर होने लगी है.
हाल ही में एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि अबतक इन प्रदर्शन में 5 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें करीबन 500 सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं. 1979 के बाद ईरान में सबसे ज्यादा अशांत माहौल बना हुआ है.
सरकार ने प्रदर्शनकारियों और आतंकियों को ठहराया हिंसा का जिम्मेदार
इन हिंसात्मक प्रदर्शन को जिम्मेदार सरकार की तरफ से आतंकवादी और हथियारबंद प्रदर्शनकारियों को ठहराया गया है. इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान में सीधे हस्तक्षेप और स्पष्ट चेतावनी जारी की है. इसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों की हत्या और सामूहिक फांसी को लेकर ईरान को चेतावनी जारी की है. हालांकि, बाद में ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान में कुछ फांसियों पर रोक लगा दी गई है.
ईरान के राष्ट्रपति बोले- हम युद्ध नहीं चाहते
यहां के राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है. यहां के दोषियों को सजा जरुर मिलेगी. इसके अलावा यहां की न्यायपालिका ने भी अपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की फांसी की संभावना जताई है. ट्रंप ने ईरान में नई लीडरशिप पर जोर दिया है. साथ ही खामेनेई ने इजरायल और अमेरिका पर इन प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की साजिश का आरोप लगाया है.
एचआरएएनए जो एक मानवाधिकार संगठन है, ने कहा है कि अबतक 3,308 मौतें हुई हैं. करीबन 24 हजार लोगों को अरेस्ट किया गयाहै. इसके अलावा कुर्द बहुल उत्तर पश्चिमी इलाकों में सबसे ज्यादा हिंसा की बात सामने आई है. इराक से भी अलगाववादियों ने ईरान में घुसने की कोशिश की है. प्रदर्शनों में गिरावट हुई है, लेकिन इंटरनेट बैन के चलते फिलहाल पूरा सच दुनिया के सामने नहीं आ पा रहा है.



