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ऑनलाइन गेम का चस्का लगवाता, फिर पैसे ठगता… झारखंड से दबोचा गया अपराधी, लखनऊ के छात्र का सुसाइड से क्या है कनेक्शन?

ऑनलाइन गेम का चस्का लगवाता, फिर पैसे ठगता... झारखंड से दबोचा गया अपराधी, लखनऊ के छात्र का सुसाइड से क्या है कनेक्शन?

ऑनलाइन गेम के जरिए छात्र से ठगी

उत्तर प्रदेश के लखनऊ के छात्र को फ्री-फायर मैक्स गेम में फंसाकर उससे 13 लाख रुपये एठने वाले ठग को साइबर सेल ने गिरफ्तार कर लिया है. मामले में ठगों के ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर छात्र ने आत्महत्या कर ली थी. मामले में पुलिस ने जालसाज के कई खातों से पौने पांच लाख रुपये और ठगी के रुपये से खरीदे गये तीन लाख रुपये का माल बरामद कर लिया है. इसके अलावा पुलिस ने गिरोह से जुड़े एक और छात्र को भी पकड़ा था. हालांकि पूछताछ के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया गया.

पुलिस ने आरोपी के झारखंड के पूर्वी सिंहभूमि जिले के घाटशिला थानाक्षेत्र के राज स्टेट मुस्लिम बस्ती से गिरफ्तार किया है. उसकी पहचान सनत गोराई के नाम से हुई है. वह 12वीं पास है. आरोपी लोगों को ऑनलाइन गेमिंग खेलने और खिलाने के जरिये ठगी करता था. इसकी ठगी का शिकार हुए धनुवासांड गांव के रहने वाले 14 वर्षीय कक्षा छह के छात्र ने 15 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी. जांच में छात्र के मोबाइल में फ्री-फायर मैक्स गेम खेले जाने की पुष्टि हुई थी.

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

मामले में मृतक के पिता सुरेश की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले की जांच के दौरान आरोपी के नाम और लोकेशन का पता चला, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि सनत गोराई की ठगी में मुख्य भूमिका थी.

इसी मामले में पुलिस ने वैशाली के एक और 16 वर्षीय लड़के को पकड़ा था. हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे नोटिस देकर छोड़ दिया. जांच में सामने आया कि गेमिंग के जरिए सनत ने छात्र का नंबर, ईमेल आईडी और पासवर्ड आदि भी ले लिया था. उसने उसके मोबाइल का पासवर्ड भी ले लिया था. इसके बाद उसके खातों से रुपये खुद ही कई बार निकाले थे.

ठगी के पैसों से ठरीदा फ्लैट

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने साल 2018 में प्रेम विवाह किया था, जिसके चलते घरवालों ने उसे घर से निकाल दिया था. इसके बाद उसने कुछ दिन काम किया लेकिन उसे मन मुताबिक पैसे नहीं मिले, जिसके चलते उसने ऑनलाइन ठगी करना शुरू किया. इसके बाद उसने ठगी के पैसों से झारखंड में फ्लैट खरीदा भी खरीदा.

ऐसे करता था ठगी

जांच में सामने आया कि आरोपी छात्रों को गेम में फंसाकर उनसे प्रतियोगिता करता था. वो उन्हें गेम में लेवल अपग्रेड करने के नाम पर उकसाता था. साथ ही उन्हें उन्हें गन, गोली, डायमंड और गेम से जुड़े अन्य सामानों को ऑनलाइन खरीदने के लिए कहता था. इसके बाद आरोपी उससे 80 रुपये से लेकर पांच और 10 हजार रुपये एक बार में ऐंठ लेता था.

छात्र ऑनलाइन जब यह सब खरीदते थे तो वह खातों में रुपये ट्रांसफर करा लेता था. जालसाज ने छात्र से ठगे गए रुपयों को 100 से अधिक खातों में ट्रांसफर कराए थे. वह सब खाते किराए पर थे. साइबर क्राइम सेल की मदद से 25 खातों को फ्रीज करवा दिया गया है. उनमें 4.71 लाख रुपये थे.

छात्र को ऐसे फंसाया

पुलिस ने बताया कि आरोपी की आईडी पुरानी थी, जिसके चलते उसने छात्र को यकीन दिलाया कि वह उसे आईडी बेच देगा. इसके लिए आरोपी ने 3 लाख रूपये की मांग की. इस पर छात्र ने उसे पैसे दे दिए, लेकिन इसके बाद आरोपी ने छात्र को न तो पैसे दिए और नहीं उसे पैसे वापस किया. जब छात्र ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे धमकी दी थी.

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