उत्तर प्रदेशभारत

प्रेमानंद महाराज से बातचीत के दौरान विराट कोहली के हाथ में था ये खास डिवाइस, किस काम आती है ये मशीन

प्रेमानंद महाराज से बातचीत के दौरान विराट कोहली के हाथ में था ये खास डिवाइस, किस काम आती है ये मशीन

विराट और अनुष्का.

क्रिकेट की दुनिया में विराट कोहली ऐसा नाम है, जिसे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोग जानते हैं. जब से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया है, फैन्स में निराशा है. लेकिन विराट वन डे मैच खेला करेंगे. टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विराट कोहली अपनी पत्नी और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे. यहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और 15 मिनट की एकांत वार्तालाप भी की.

प्रेमानंद महाराज से बातचीत के उनके कई फोटो सामने आए हैं, जिनमें से एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है. इसमें विराट कोहली के दाहिने हाथ की उंगली में काउंटर मशीन दिखाई दे रही है. अब आप लोग सोच रहे होंगे कि विराट कोहली के हाथ में काउंटर मशीन क्या कर रही है? दरअसल, इस काउंटर मशीन का प्रयोग आमतौर पर वृंदावन में सभी भक्त अपने गुरु, भगवान या अपने ईष्ट देवता का नाम जपने के लिए करते हैं.

कितनी बार आपने भगवान का नाम जपा, इसकी गिनकी इस मशीन में होती है. अमूमन लोग 108 बार भगवान का नाम जरूर जपते हैं. क्योंकि इसे शुभ माना जाता है. कभी कबार किसी को याद नहीं रहता कि आपने कितनी बार भगवान का सिमरन किया है, उस वक्त ये मशीन काफी काम आती है. इससे पता चल जाता है कि आपने कितनी बार भगवान का नाम जपा.

क्या हुई प्रेमानंद महाराज से एकांत में बात?

वार्तालाप में प्रेमानंद महाराज ने विराट से पूछा कि आप प्रसन्न हो? विराट कोहली बोले जी गुरुजी. महाराज ने कहा- भगवान की कृपा यश या वैभव बढ़ने से नहीं मानी जाती है, भगवान की कृपा तब मानी जाती है जब अन्दर से चिंतन हो. संत तो बस रास्ता बता सकते हैं. जरूरी नहीं है कि नाम जप बहुत ही ज्यादा किया जाए. थोड़ा ही किया जाए, लेकिन सच्ची भक्ति के साथ ही किया जाए.

तीन घंटे आश्रम में रुके विराट-अनुष्का

महाराज ने कोहली और अनुष्का से काफी देर बात की. कोहली एक टक होकर महाराज जी की बातों को सुन रहे थे. प्रेमानंद महाराज से मिलकर कोहली और अनुष्का काफी खुश नजर आ रहे थे. दोनों के चेहरे पर संतुष्टि के भाव साफ झलक रहे थे. विराट तीन घंटे तक प्रेमानंद महाराज के श्री राधाकेलीकुंज आश्रम में रुके.



Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button